छत्तीसगढ़ 12वीं बोर्ड के हिंदी का पेपर लीक होने के आरोपों से हड़कंप, माशिमं ने दर्ज कराई FIR; NSUI छात्र संगठन ने घेरा कार्यालय
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 12वीं कक्षा के हिंदी प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 16 Mar 2026 04:59:11 PM (IST)Updated Date: Mon, 16 Mar 2026 05:07:24 PM (IST)
NSUI छात्र संगठन ने घेरा कार्यालयHighLights
- प्रश्नपत्र लीक के आरोप पर माशिमं ने पुलिस और साइबर सेल में एफआईआर
- एनएसयूआई ने माशिमं कार्यालय का घेराव कर निष्पक्ष जांच की मांग की
- छात्रों का दावा, परीक्षा से पहले इंटरनेट मीडिया और वाट्सएप पर वायरल हुआ था पेपर
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 12वीं कक्षा के हिंदी प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। माशिमं ने इस मामले में पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू करा दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है ताकि तथ्य सामने आ सकें।
सरकार के जनसंपर्क विभाग के आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर भी इस मामले को लेकर जानकारी साझा की गई है। पोस्ट में कहा गया है कि 12वीं कक्षा के हिंदी विषय के पेपर लीक के कथित आरोपों की जांच के लिए माशिमं ने पुलिस और साइबर सेल में एफआईआर दर्ज कराई है।
एनएसयूआई ने किया माशिमं का घेराव
इधर, इस मामले को लेकर छात्र संगठन एनएसयूआई ने सोमवार को माशिमं कार्यालय का घेराव किया। एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेताओं ने दावा किया कि 12वीं हिंदी विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही इंटरनेट मीडिया और वाट्सएप समूहों में वायरल हो गया था।
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छात्र नेता पुनेश्वर लहरे ने कहा कि 13 मार्च की रात को जो प्रश्नपत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था, वही प्रश्नपत्र 14 मार्च को आयोजित बोर्ड परीक्षा में छात्रों को मिला। इससे परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला
एनएसयूआई का कहना है कि यह मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। यदि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो जाए तो यह मेहनती विद्यार्थियों के साथ अन्याय है।
छात्र संगठन ने सरकार और माध्यमिक शिक्षा मंडल से इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि जब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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