सीएम विष्णु देव साय के सख्त तेवर, बोले- बाहर जाइए, सचिव से बात कर सही जानकारी लेकर आइए
सुशासन तिहार के अंतर्गत बलरामपुर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे जनता की समस्याओं के समाधान के लिए कड़ी म ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 04 May 2026 09:53:24 AM (IST)Updated Date: Mon, 04 May 2026 10:13:17 AM (IST)
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय। नईदुनियाHighLights
- सड़क मरम्मत की जानकारी नहीं देने पर लोनिवि अधिकारी को फटकार
- मानसून आने से पहले राज्य की एक भी सड़क नहीं रहनी चाहिए खराब
- सुशासन तिहार में बलरामपुर प्रवास के दौरान अधिकारियों को दिया संदेश
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया. रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर प्रवास के दौरान सुशासन तिहार में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि काम में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के एक अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा कि वह मीटिंग से बाहर जाएं, सचिव से बात करें और सही जानकारी लेकर लौटें। उन्होंने योजनाओं की प्रगति जुटाई और अधिकारियों की जवाबदेही को सुनिश्चित करने को कहा।
हम सब सेवक कार्यालय सेवा तीर्थ
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं और अपने-अपने कार्यालयों को सेवा तीर्थ के रूप में देखना चाहिए, जहां आम जनता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का विकास सबसे पहले सड़कों पर दिखाई देता है, इसलिए मानसून आने से पहले एक भी सड़क खराब नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि सभी सड़कों की मरम्मत समय सीमा में पूरी की जाए, विशेष रूप से आबादी वाले क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता दी जाए।
डीएमएफ की राशि का खर्च प्रभावित गांव में ही हो
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) निधि के उपयोग पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस निधि की अधिकतम राशि खनन प्रभावित गांवों के विकास में खर्च की जानी चाहिए। मुख्यालय के नाम पर इस राशि का उपयोग स्वीकार्य नहीं होगा।
पेजयल और धान बीज सुनिश्चित करने को कहा
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़े और जहां आवश्यकता हो, वहां टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। गर्मी और बारिश के बीच संभावित मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने के साथ-साथ किसानों के लिए धान, बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
समस्याओं के समाधान में देरी बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के आचरण पर जोर देते हुए कहा कि आम जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना जाए और समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टरों को निर्देश दिया गया कि वे अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यों का नियमित मूल्यांकन करें और आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई से भी न हिचकें। बैठक में जिले की प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद सरगुजा चिंतामणि महाराज, विधायक सामरी उद्देश्वरी पैकरा आदि उपस्थित थे।
सभी राजस्व अभिलेखों का होगा डिजिटलीकरण
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य के सभी राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे नागरिकों को खसरा-नक्शा डिजिटल हस्ताक्षर के साथ घर बैठे उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी, जिसमें टोल फ्री नंबर के माध्यम से आमजन समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। कलेक्टरों को निर्देशित किया गया कि राजस्व मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।