
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। भीषण गर्मी की शुरुआत होते ही शहर की कालोनियों और बस्तियों में पानी का संकट गहरा गया है। आम लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। वहीं शहर के बड़े होटलों में पानी की कमी की कोई शिकायत सामने नहीं आ रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब शहर का भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, तब इन होटलों तक रोजाना हजारों लीटर पानी आखिर पहुंच कहां से रहा है?
इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए अब नगर निगम की टीम मैदान में उतरने जा रही है। नगर निगम सभापति ने शहर के 700 से अधिक होटलों की जांच के निर्देश दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि कई संस्थान निगम की मुख्य पाइपलाइन से हाई पावर पंप लगाकर पानी खींच रहे हैं या फिर नियमों के विपरीत भूजल का दोहन कर रहे हैं।
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ औपचारिक निरीक्षण नहीं होगा। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर मौके पर ही जुर्माना लगाया जाएगा। अवैध पंप जब्त किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर नल कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।
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शहर के कई इलाकों में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है। कई कालोनियों में लोग टैंकर के भरोसे हैं, जबकि बड़े होटलों में पानी की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है। ऐसे में यह जांच इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि अब तक निगम ने बड़े स्तर पर होटलों के पानी कनेक्शन और खपत की पड़ताल नहीं की थी।
शहर के होटलों में पानी की उपलब्धता और उपयोग की जांच कराई जाएगी। जोन-दो की टीम को निर्देश दिए गए हैं कि हर छोटे-बड़े होटल की सघन जांच की जाए। यदि कोई भी संस्थान निगम की लाइन से अवैध रूप से पानी खींचते पाया गया तो उसका कनेक्शन काटने सहित नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।- सूर्यकांत राठौर, सभापति, नगर निगम रायपुर