
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। प्रदेश अब केवल खनिज संपदा वाले राज्य तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि तेजी से उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है। 1 नवंबर 2024 से लागू नई औद्योगिक विकास नीति (2024-2030) के बाद निवेश का माहौल मजबूत हुआ है। उद्योगों को प्रोत्साहन, सरल प्रक्रियाओं और बेहतर सुविधाओं के चलते विगत ढाई वर्षों में 264 औद्योगिक इकाइयों से करीब 8.22 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे 1.72 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।
इनमें से 154 परियोजनाएं निर्माण, भूमि आबंटन या उत्पादन के चरण तक पहुंच चुकी हैं, जबकि 18 इकाइयां उत्पादन शुरू कर चुकी हैं और 65 निर्माणाधीन हैं। निवेश आकर्षित करने के लिए रायपुर, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, जगदलपुर और जापान के ओसाका में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इसी अवधि में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हुई, जिससे 22117.03 करोड़ का पूंजी निवेश हुआ है और 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
नई नीति को पहली बार रोजगार-केंद्रित बनाया गया है। इसमें प्रशिक्षण सब्सिडी, ईपीएफ प्रतिपूर्ति और 1,000 से अधिक रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए विशेष कस्टमाइज्ड पैकेज का प्रविधान है। मई-2025 में संशोधन कर रोजगार सृजन सब्सिडी और एम्प्लायमेंट मल्टिप्लायर जैसी व्यवस्थाएं भी जोड़ी गईं। सेवा क्षेत्र के 43 क्षेत्रों को प्रोत्साहन के दायरे में लाया गया है।
विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र की इकाइयों को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन दिया जा रहा है। टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और फार्मा जैसे भविष्य के क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज लागू किए गए हैं। नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर इकाई और देश का पहला एआई डेटा सेंटर एसईजेड विकसित किया जा रहा है, जिससे राज्य नई औद्योगिक संभावनाओं के केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
राज्य में उद्योगों की स्थापना और संचालन को आसान बनाने के लिए सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में कई सुधार किए हैं। नया सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है, जिसके माध्यम से 150 से अधिक सेवाएं एक ही पोर्टल पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। निवेशकों को बेहतर सहायता देने के लिए एआई आधारित प्रणाली वाणी (वीएएनआई) शुरू की गई है।
उद्योगों से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए 500 से अधिक सुधार लागू किए गए हैं। दो जन विश्वास अधिनियमों के जरिए 279 प्रविधानों को अपराधमुक्त किया गया है। जोखिम आधारित वर्गीकरण अपनाकर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है।
यह भी पढ़ें- दुर्ग में महिला कर्मचारी के वेतन में 1.49 लाख का गबन! हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी के कुलसचिव गिरफ्तार