
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर गुरुवार को NSUI कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।

मोतीबाग के पास टीन शेड लगाकर मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी। प्रदर्शनकारी वहां पहुंचकर बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता हाथों में डंडे लिए हुए भी दिखाई दिए। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उन पर डंडे फेंके, जबकि कार्यकर्ताओं ने सरकार पर छात्रसंघ चुनाव कराने से बचने का आरोप लगाया।
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से एनएसयूआई कार्यकर्ता रायपुर पहुंचे थे। सभी प्रदर्शनकारी पहले संवाद के पास बनाए गए मंच पर एकत्रित हुए। इसके बाद मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए रवाना हुए।
मंच से प्रदेश युवा कांग्रेस और एनएसयूआइ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, सुबोध हरितवाल, पूर्व महापौर एजाज धेबर, संजीव शुक्ला, NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय, अमित शर्मा और भावेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संघर्ष करने वालों को पार्टी में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि यदि विनोद जाखड़ जेल गए तो राहुल गांधी ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी साधारण परिवारों से आने वाले युवाओं को भी अवसर देती है। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता मजदूरी करते हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें संगठन में आगे बढ़ने का मौका दिया। उन्होंने युवाओं से राजनीति में सक्रिय होकर सत्ता को चुनौती देने की अपील की।
प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव 23 अगस्त 2017 से बंद हैं। सरकार ने लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों और कुलपतियों की रिपोर्ट के आधार पर छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा दी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि चुनाव के कारण शिक्षण संस्थानों का माहौल प्रभावित होता है और पढ़ाई पर असर पड़ता है।
इसके बाद सरकार ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में मनोनयन प्रक्रिया के जरिए छात्र प्रतिनिधियों के चयन की व्यवस्था लागू की। तभी से प्रदेश के कॉलेजों में छात्रसंघ पदाधिकारियों का चयन मनोनयन पद्धति से किया जा रहा है।