• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

छत्तीसगढ़ में 14 हजार परिवारों का सपना अधर में... सितंबर तक नहीं बना 'पीएम आवास' तो अटक जाएगा आपका घर

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत स्वीकृत करीब 14 हजार आवास अब भी अधूरे पड़े हैं। अनुदान राशि जारी करने की समय-सीमा सितंबर तक नि...और पढ़ें

By Abhishek RaiEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 07 Jun 2026 10:15:34 PM (IST)Updated Date: Sun, 07 Jun 2026 10:15:34 PM (IST)
  • Join करें
छत्तीसगढ़ में 14 हजार परिवारों का सपना अधर में... सितंबर तक नहीं बना 'पीएम आवास' तो अटक जाएगा आपका घर
छत्तीसगढ़ में 14 हजार परिवारों का सपना अधर में (ये इमेज एआई से बनाई गई है)

HighLights

  1. पीएम आवास योजना के तहत प्रदेश में 14 हजार मकान अब भी पड़े हैं अधूरे
  2. सितंबर तक निर्माण पूरा न होने पर निकायों को खुद भुगतना होगा खर्चा
  3. समय-सीमा खत्म होने के बाद दोषियों पर होगी सख्त प्रशासनिक कार्रवाई

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत स्वीकृत करीब 14 हजार आवास अब भी अधूरे पड़े हैं। केंद्र सरकार द्वारा योजना के लिए अनुदान राशि जारी करने की समय-सीमा सितंबर तक निर्धारित होने के कारण राज्य सरकार और नगरीय प्रशासन विभाग की चिंता बढ़ गई है।

राज्य सरकार की ओर से भी नगरीय निकायों को सितंबर के बाद राज्यांश की राशि नहीं दी जाएगी। निर्धारित अवधि के भीतर आवासों का निर्माण पूरा नहीं होने पर निकायों को स्वयं के मद से शेष कार्यों को पूरा करना होगा। राज्य शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सितंबर के बाद किसी प्रकार की समयवृद्धि नहीं होगी। कार्य पूर्ण नहीं होने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी तय होगी।


97 नगर पंचायतों समेत कई नगर निगमों में अटके हैं हजारों मकान

प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की शुरुआत 25 जून 2015 से हुई थी। योजना के तहत आवास निर्माण के लिए 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। प्रदेश में स्वीकृत 2,06,118 आवासों में से 1,91,819 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि करीब 14 हजार आवास अब भी लंबित हैं। इसमें 14 नगर निगमों के 2,671, 55 नगर पालिकाओं के 5,607 और 97 नगर पंचायतों के 5,886 आवास शामिल हैं।

वहीं, धमतरी, रिसाली, राजनांदगांव, बिलासपुर, रायपुर और भिलाई में एएचपी (किफायती आवास में साझेदारी) घटक के तहत स्वीकृत 1,200 से अधिक आवासों की केवल नींव और आधार संरचना ही तैयार हो पाई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के एएचपी घटक के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए राज्य और केंद्र सरकार निजी और सार्वजनिक एजेंसियों के साथ साझेदारी में घर बनाती हैं।

योजना की लगातार की जा रही समीक्षा

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के कार्यों की प्रगति की लगातार समीक्षा की जा रही है। चार जून को मुख्य सचिव विकासशील ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 और 2.0 के कार्यों की जानकारी नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली थी। पांच जून को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव शंगीता आर ने अधिकारियों के साथ योजना के प्रगति की समीक्षा की थी।

यह भी पढ़ें- LPG Rule: गैस बुकिंग और डिलीवरी के बदले 7 नियम, अब बिना OTP नहीं मिलेगा सिलिंडर, जानें जरूरी गाइडलाइन

सभी निकायों को निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण कर पात्र हितग्राहियों तक योजना का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यों के प्रगति की लगातार निगरानी की जा रही है। - शंगीता आर, सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग