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Ragging in Medical College: रायपुर मेडिकल कॉलेज में फिर रैगिंग, सीनियर मांग रहे थे जूनियर लड़कियों की फोटो, दो छात्र निलंबित

रायपुर मेडिकल कॉलेज में नौ साल बाद रैगिंग की घटना सामने आई है। एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्रों ने प्रथम वर्ष के छात्रों से जूनियर लड़कियों की फोटो मा...और पढ़ें

By Vikas SoniEdited By: Ashish Kumar Gupta
Publish Date: Sun, 10 Nov 2024 09:41:14 PM (IST)Updated Date: Sun, 10 Nov 2024 09:45:34 PM (IST)
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Ragging in Medical College: रायपुर मेडिकल कॉलेज में फिर रैगिंग, सीनियर मांग रहे थे जूनियर लड़कियों की फोटो, दो छात्र निलंबित
रायपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग। प्रतीकात्‍मक फोटो

HighLights

  1. द्वितीय वर्ष के छात्र वाट्सएप ग्रुप बनाकर मांगते थे फोटो।
  2. जूनियर्स पर बाल छोटे रखने व दाढ़ी साफ रखने का दबाव।
  3. स्वजनों ने NMC से की शिकायत, जिसके बाद हुई कार्रवाई।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। रायपुर मेडिकल कॉलेज में नौ वर्ष बाद एक बार फिर रैगिंग की घटना सामने आई है। एमबीबीएस द्वितीय वर्ष 2023 बैच के छात्रों द्वारा प्रथम वर्ष के छात्रों का वाट्सएग्रुप बनाकर जूनियर लड़कियों की फोटो मांगी जा रही थी। इस पर दो छात्रों दीपराज वर्मा और अंशु जोशी को 10 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है।

दरअसल, प्रथम वर्ष के छात्रों के प्रवेश के बाद लगभग 20 दिनों पहले ही नए शैक्षणिक सत्र की शुरूआत हुई है। वहीं, प्रवेश के बाद द्वितीय वर्ष के छात्रों द्वारा लड़कियों की फोटो मांगने, सभी छात्रों को बाल एकदम बारीक यानी कि मुंडवाकर रखने, कॉलेज परिसर में फिट कपड़े न पहनने, सामान्य बैग टांगने, ज्यादा स्टाइलिश तरीके के जूते नहीं पहनने जैसी बातें बोली जा रही थी।naidunia_image


वहीं, इस मामले की शिकायत स्वजनों द्वारा नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से की गई थी। साथ ही इंटरनेट मीडिया में भी इस तरह की शिकायतें पोस्ट कर उन्हें एनएमसी को टैग किया गया था, जिसके बाद उक्त कार्रवाई की गई है।

इससे पूर्व 2015 में आई थी शिकायत

इससे पूर्व रायपुर मेडिकल कालेज में 2015 में ही इसकी शिकायत आई थी। जिसमें फ्रेशर पार्टी पर प्रतिबंध के बावजूद क्लास में बुलाकर छात्रों से फ्रेशर पार्टी के संदर्भ में चर्चा की थी, जिसे आधार मानकर 86 छात्रों को एक माह के लिए निलंबित कर दिया गया था। वहीं, 2022 में डेंटल कालेज में भी रैगिंग की घटना सामने आई थी, जिसके बाद तीन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।

मामले की शिकायत आई थी। जिसकी जांच करवाई और डाक्टरों की टीम भेजकर जांच भी करवाई गई, जिसके बाद काफी हद तक शिकायत सही पाई गई और दो छात्रों पर कार्रवाई की गई है। डॉ विवेक चौधरी, डीन, रायपुर पं जेएनएम कॉलेज

मामले को दबाने का चलता रहा प्रयास

आईएमए के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता ने बताया कि इस मामले की शिकायत एक महीने पहले से ही छात्र कर रहे थे, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जब इसकी शिकायत एनएमसी से की गई और सभी को शिकायत के साथ टैग किया गया, तब जाकर कालेज प्रबंधन ने इस पर संज्ञान लिया और कार्रवाई की है। वहीं, इस मामले के बाद सीनियर छात्रों द्वारा और भी धमकी दिए जाने की बात भी सामने आ रही है।

भरवाया जाता है शपथ पत्र

कालेज में प्रवेश से पूर्व सभी छात्रों से एंटी रैगिंग संबंधी शपथ पत्र भी भरवाया जाता है। वहीं, इसके लिए अलग से एंटी रैगिंग सेल भी बनाया गया है। साथ ही फ्रेशर पार्टी भी प्रतिबंधित रखी गई है। इसके बावजूद इस तरह की घटना का सामने आना कालेज प्रबंधन की लापरवाही की ओर इशारा करता है।