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छत्तीसगढ़ में अब मोबाइल से ही होगा किराएदार और कर्मचारियों का सत्यापन, थाने जाने की झंझट खत्म

अब किराएदार और घरेलू कर्मचारी की पृष्ठभूमि जांचने थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सत्यापन प्रक्रिया को आसान बनाने ‘समाधान ऐप’ शुर...और पढ़ें

By Jitendra DahiyaEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 16 Aug 2026 09:05:37 PM (IST)Updated Date: Sun, 16 Aug 2026 09:05:36 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में अब मोबाइल से ही होगा किराएदार और कर्मचारियों का सत्यापन, थाने जाने की झंझट खत्म
छत्तीसगढ़ में अब मोबाइल से ही होगा किराएदार और कर्मचारियों का सत्यापन (AI Generated Image)

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। अब किराएदार और घरेलू कर्मचारी की पृष्ठभूमि जांचने थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सत्यापन प्रक्रिया को आसान बनाने ‘समाधान ऐप’ शुरू किया है। मकान मालिक मोबाइल से ही किराएदार, घरेलू सहायक, चालक, देखभाल करने वाले कर्मचारी और अन्य लोगों की जानकारी पुलिस को ऑनलाइन दे सकेंगे।

नाम, पता और जरूरी दस्तावेज दर्ज करने के बाद पुलिस अपने अभिलेखों के आधार पर सत्यापन करेगी। दरअसल, घरेलू कर्मचारियों और किराएदारों का सत्यापन नहीं होने से कई बार आपराधिक घटनाओं की जांच में पुलिस को परेशानी होती है।

रायपुर में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग घरों तक पहुंच गए। मोवा में 70 लाख रुपये की चोरी और 2022 में एक हत्या के आरोपित के बावर्ची बनकर अधिकारी के घर रहने का मामला इसकी गंभीरता बताता है। अब डिजिटल सत्यापन से पुलिस के पास संबंधित व्यक्ति की जानकारी पहले से रहेगी और जरूरत पड़ने पर जांच भी तेजी से हो सकेगी।


70 लाख रुपये लेकर भाग गया था रसोइया

मोवा निवासी कारोबारी ने बिहार निवासी महेंद्र कुमार यादव को घर में रसोइया रखा था। 26 जुलाई को कारोबारी परिवार के साथ बाहर गया था। इसी दौरान महेंद्र साथी के साथ घर में रखे 70 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

इस घटना ने घरेलू कर्मचारियों के सत्यापन की जरूरत को फिर सामने ला दिया। पुलिस के मुताबिक नौकरी पर रखने से पहले व्यक्ति का नाम-पता और पहचान संबंधी जानकारी लेना जरूरी है। सत्यापन से कर्मचारी की पहचान और पृष्ठभूमि की जानकारी पुलिस के अभिलेख में दर्ज हो जाती है, जिससे किसी घटना की स्थिति में जांच का दायरा सीमित करने में मदद मिलती है।

हत्या का आरोपित बन गया था बावर्ची

रायपुर में वर्ष 2022 में एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने घरेलू कर्मचारियों के सत्यापन पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। बिहार में कारोबारी की हत्या के मामले में आरोपित व्यक्ति पहचान छिपाकर रायपुर में एक अधिकारी के घर बावर्ची की नौकरी कर रहा था। तकनीकी जांच के आधार पर बिहार पुलिस ने रायपुर पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद जांच में उसकी पहचान सामने आई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मामला संवेदनशील होने के कारण अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया था। पुलिस का मानना है कि यदि घरेलू कर्मचारी का पहले ही सत्यापन हो जाए तो आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति की पहचान समय रहते हो सकती है।

मोबाइल पर दर्ज करें जानकारी

समाधान ऐप के जरिये मकान मालिक घर बैठे किराएदार या घरेलू कर्मचारी के सत्यापन के लिए आवेदन कर सकेंगे। मोबाइल पर संबंधित व्यक्ति का नाम, पता और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दर्ज करनी होगी। आवेदन मिलने के बाद पुलिस उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर सत्यापन करेगी। पहले इसके लिए थाने जाकर आवेदन देना पड़ता था, जिसमें समय लगता था। अब डिजिटल प्रक्रिया से यह काम आसान होने का दावा पुलिस ने किया है।

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