
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ के किसानों और आम निवासियों के लिए राहत की खबर है। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से जूझ रहे राज्य में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार, सोमवार को मानसून ने बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले के रास्ते प्रदेश में प्रवेश किया। इसके आगमन के साथ ही दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदल गया है और बारिश का दौर शुरू हो गया है।
मौसम विज्ञानियों ने स्पष्ट किया है कि भले ही मानसून बस्तर में सक्रिय हो गया हो, लेकिन रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे मैदानी इलाकों को अभी पूर्ण राहत के लिए प्रतीक्षा करनी होगी। अगले दो दिनों तक मध्य छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है। यहां लोगों को उमस और तपन का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को आंशिक बादल छाए रहने और शाम या रात के समय गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने व तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
मौसम विभाग ने प्रदेश भर के लिए आगामी पांच दिनों का विशेष बुलेटिन जारी किया है। विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए चेतावनी दी है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में मध्यम से तीव्र वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने की प्रबल आशंका है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, राजनांदगांव 40 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं, मानसूनी सक्रियता के कारण जगदलपुर में सर्वाधिक 5 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कुआकोंडा में 3 सेमी, बलरामपुर में 2 सेमी और बस्तर संभाग के अन्य क्षेत्रों में 1-1 सेमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान से बिहार तक फैली एक द्रोणिका और तेलंगाना से तमिलनाडु तक बनी दूसरी द्रोणिका के प्रभाव से मानसून आगे बढ़ रहा है