10 रुपये ज्यादा लिए तो खटखटाया उपभोक्ता फोरम का दरवाजा, देना पड़ा 1500 गुना जुर्माना
एक ग्राहक ने जागरूकता का परिचय देते हुए जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया और अंकित मूल्य से 10 रुपये अधिक लेने वाले दुकानदार पर 1500 गुना जुर्माना ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 15 Mar 2026 12:47:28 PM (IST)Updated Date: Sun, 15 Mar 2026 12:49:14 PM (IST)
HighLights
- ग्राहक से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि लेना गलत
- यह उपभोक्ता संरक्षण नियमों के विरुद्ध है
- उपभोक्ता को तुरंत बिल की जांच करनी चाहिए
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। बाजारों और बड़े मार्ट में खरीदारी करते समय अक्सर ग्राहक सामान की कीमत पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। कई बार इसी लापरवाही का फायदा उठाकर दुकानदार ग्राहकों से अंकित मूल्य से अधिक राशि वसूल लेते हैं।
जानकारी व समय के अभाव में कई बार ग्राहक उपभोक्ता फोरम तक नहीं पहुंच पाते, लेकिन एक ग्राहक ने जागरूकता का परिचय देते हुए जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया और अंकित मूल्य से 10 रुपये अधिक लेने वाले मार्ट पर 1500 गुना का जुर्माना लगवाया। अंत में संबंधित मार्ट को जुर्माने की राशि देनी पड़ी।
दुकानदार ने एमआरपी से 10 रुपये अधिक राशि ली
उपभोक्ता सुनील मानिकपुरी ने शहर स्थित शुभम केमार्ट प्राइवेट लिमिटेड से एबीस तेल का एक पाउच खरीदा था। पाउच पर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) 675 रुपये अंकित था, लेकिन बिलिंग काउंटर पर उनसे 685 रुपये वसूले गए। यानी दुकानदार ने एमआरपी से 10 रुपये अधिक राशि ली।
अतिरिक्त राशि वसूले जाने पर उपभोक्ता ने इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने पाया कि दुकान द्वारा ग्राहक से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि लेना गलत है और यह उपभोक्ता संरक्षण नियमों के विरुद्ध है।
10 हजार मुआवजा, 5000 रुपये वाद व्यय के रूप में भुगतान का आदेश
जिला उपभोक्ता आयोग ने अपने फैसले में दुकानदार को निर्देश दिया कि वह उपभोक्ता को 10 रुपये अतिरिक्त राशि वापस करे। साथ ही ग्राहक को हुई मानसिक पीड़ा और असुविधा के लिए 10 हजार रुपये मुआवजा देने तथा 5000 रुपये वाद व्यय के रूप में भुगतान करने का आदेश भी दिया।
यह भी पढ़ें- 1000 रुपये के लिए 13 साल लड़ी जंग, बदले मिला ₹4.36 लाख का हर्जाना, राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने दिलाया न्याय
सतर्कता उपभोक्तओं को आर्थिक नुकसान से बचा सकती है
जिला उपभोक्ता आयोग के सदस्य आनंद वर्गीस ने बताया कि किसी भी वस्तु पर अंकित एमआरपी से अधिक कीमत लेना कानूनन गलत है। यदि कोई दुकानदार ऐसा करता है तो उपभोक्ता को तुरंत बिल की जांच करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
यहीं नहीं उपभोक्ता खरीदारी करते समय हमेशा उत्पाद पर अंकित एमआरपी अवश्य देखें और बिल लेना न भूलें। यदि दुकानदार एमआरपी से अधिक राशि वसूलता है तो उसका विरोध करें और संबंधित विभाग या उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करें। छोटी सी सतर्कता उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान से बचा सकती है और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने में भी मदद करती है।