
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने अपने विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब तक चल रही नान-सीयूईटी प्रवेश प्रक्रिया का नाम बदलकर “डायरेक्ट एडमिशन आन मेरिट बेसिस” कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब छात्रों को किसी अलग प्रवेश परीक्षा के बजाय सीधे मेरिट के आधार पर प्रवेश मिलेगा।
नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को सबसे पहले आनलाइन पंजीयन करना होगा। पंजीयन के बाद विश्वविद्यालय द्वारा प्राप्त आवेदनों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी और उसी के अनुसार छात्रों को उनकी पसंद के पाठ्यक्रमों में सीट आवंटित की जाएगी।
प्रवेश प्रक्रिया जून के पहले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है। जब पंजीयन लिंक खोला जाएगा। छात्रों को आवेदन करने के लिए लगभग 20 से 25 दिन यानी करीब तीन सप्ताह का समय मिलेगा। इस दौरान उन्हें जरूरी दस्तावेज भी आनलाइन अपलोड करने होंगे।
इसके बाद जुलाई के पहले सप्ताह से मेरिट के आधार पर सीट आवंटन शुरू किया जाएगा। हालांकि विश्वविद्यालय ने अभी काउंसलिंग का पूरा शेड्यूल जारी नहीं किया है। इसका एक कारण यह भी है कि कई विभागों के कर्मचारी इन दिनों जनगणना कार्य में व्यस्त हैं, जिससे प्रक्रिया में थोड़ा समय लग सकता है।
15 मई के बाद प्रवेश समिति की बैठक आयोजित होगी, जिसमें अंतिम दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे।विश्वविद्यालय के करीब 25 विभागों में संचालित 80 से अधिक पाठ्यक्रमों में इस प्रक्रिया के तहत प्रवेश दिया जाएगा। इनमें आईएमएस, फार्मेसी, पत्रकारिता, दीनदयाल उपाध्याय केंद्र, आईइटी, बायोकेमेस्ट्री और बायोटेक्नोलॉजी जैसे प्रमुख विभाग शामिल हैं। कुल मिलाकर 3396 सीटों पर एडमिशन होंगे।
पहले चरण की काउंसलिंग में सभी विभागों की मेरिट सूची जारी की जाएगी, जिसके बाद विभाग स्तर पर छात्रों का दाखिला पूरा किया जाएगा। मीडिया प्रभारी डा. चंदन गुप्ता का कहना है कि जल्द ही प्रवेश को लेकर अधिसूचना निकाली जाएगी। उसके बाद पंजीयन की प्रक्रिया शुरू होगी।