
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने पीएचडी प्रवेश को लेकर भले ही दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी, लेकिन इस बार कई विषयों को हटा दिया है। पीएचडी गाइड उपलब्ध नहीं होने के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह फैसला लिया है। तीन डॉक्टरल एंट्रेंस टेस्ट (डीईटी) और आठ नान डीईटी से जुड़े विषय हैं, जबकि 33 विषयों के लिए आवेदन मांगवाए हैं।
11 मई से पंजीयन की प्रक्रिया रखी गई है, जिसमें उम्मीदवारों को बीस दिन का समय दिया है। अधिकारियों के मुताबिक पंजीयन की लिंक 31 मई को बंद की जाएगी। वैसे इन विषयों की लगभग 350 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।
नान डीईटी के माध्यम से उम्मीदवारों को पारंपरिक विषयों में शोध करने का मौका मिलेगा। इसके लिए उम्मीदवारों को राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) देना अनिवार्य है। इसके स्कोर कार्ड के आधार पर प्रवेश में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए जून 2026 की नेट परीक्षा को भी शामिल किया गया है।
नान डीईटी में बायोकेमेस्ट्री, बायोटेक्नोलॉजी, बाटनी, इकोनामिक्स, एजुकेशन, हिन्दी-अंग्रेजी, इलेक्ट्रोनिक्स, पत्रकारिता, प्रबंधन, वाणिज्य, फिजिक्स, जूलाजी, सोशलाजी, सोशल वर्क, गणित, विधि आदि विषय शामिल हैं।
खासबात यह है कि प्रबंधन व वाणिज्य विषयों में सबसे ज्यादा सीटें हैं। दोनों विषयों में 100-100 सीट रखी हैं। जबकि इस बार संस्कृत, उर्दू, राजनीति विज्ञान, म्युजिक, मराठी, इतिहास, भूगोल, डांस विषय में एक भी गाइड नहीं है। इसलिए इन विषयों में अभी पंजीयन की प्रक्रिया नहीं रखी गई है। अधिकारियों के मुताबिक गाइड उपलब्ध होने के बाद इन विषयों में पीएचडी के लिए प्रवेश दिए जाएंगे।
डीईटी से पहले 13 विषयों के लिए पीएचडी में प्रवेश दिया जाता था, लेकिन इस बार तीन विषय हटा दिए हैं। डाटा साइंस, एनर्जी और स्टेटिस्टिक्स विषय शामिल हैं। जबकि टाइबल स्टडी विषय को जोड़ा गया है। डीईटी 2026 के दूसरे चरण में 11 विषयों के लिए उम्मीदवारों को पंजीयन करवाना होगा।
इसमें एप्लाइड केमेस्ट्री, एप्लाइड मैथ्स, एप्लाइड फिजिक्स, कम्प्यूटर साइंस, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, फार्मेसी, टाइबल स्टडी, इंफार्मेशन टेक्नोलाजी, इलेक्ट्रोनिक्स-टेलीकम्युनिकेशन, इलेक्ट्रोनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन और इंस्ट्रूमेंटेशन विषय शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने 21 जून को डीईटी रखी है। इसके लिए एडमिट कार्ड 14 जून से उम्मीदवारों को जारी किए जाएंगे।
डीईटी इस बार ऑनलाइन पद्धति से करवाई जाएगी। इसके लिए एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपेंगे। जबकि नान डीईटी में नेट स्कोर कार्ड के आधार पर मेरिट बनाई जाएगी। जल्द ही सीटों का ब्योरा भी डीएवीवी की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। - डॉ. अशेष तिवारी, प्रभारी, पीएचडी सेल