
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सीयूईटी पीजी खत्म होने के बाद देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने स्नातक-स्नातकोत्तर की परीक्षा रखी है। अप्रैल से जून के बीच 70 से ज्यादा वार्षिक व सेमेस्टर परीक्षा का शेड्यूल बनाया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों के अलावा नकल रोकने के लिए आब्जर्वर की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए अगले सप्ताह से नियुक्तियां की जाएंगी।
बकायदा सरकारी विभागों से सेवानिवृत्त हुए अधिकारी और कर्मचारियों से आवेदन भी मांगवाए गए हैं। इन्हें संवेदनशील केंद्रों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक 65 ऑब्जर्वर अभी विश्वविद्यालय से जुड़े हैं। लगभग 20-25 नए ऑब्जर्वर बनाए जाएंगे। इनकी प्रक्रिया अप्रैल में पूरी की जाएगी।
100 से अधिक केंद्र रखे जाएंगे
बीए, बीकॉम, बीएससी, बीएचएससी सहित स्नातक चौथे वर्ष और स्नातकोत्तर चौथे सेमेस्टर की परीक्षा एक अप्रैल से रखी गई है। ये होते ही विश्वविद्यालय ने अप्रैल तीसरे सप्ताह से दूसरे वर्ष की परीक्षा करवाने की तैयारी कर ली है। 70 हजार विद्यार्थियों के लिए 100 से अधिक केंद्र रखे जाएंगे। मई में ही एमए, एमकाम, एमएससी सहित अन्य पीजी कोर्स के दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा होगी।
इस बीच प्रोफेशनल कोर्स बीएड-एमएड, एलएलबी, बीएएलएलबी, बीकाम एलएलबी, बीबीए एलएलबी के विभिन्न सेमेस्टर के पेपर होंगे। इसकी तारीख और परीक्षा का शेड्यूल अभी जारी नहीं हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक अप्रैल में टाइम टेबल बनाकर वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। जून में एमबीए दूसरे-चौथे सेमेस्टर, एमवाक, बीवाक सहित अन्य कोर्स की परीक्षा करवाई जाएगी।
लगभग डेढ़ लाख छात्र-छात्राएं विभिन्न परीक्षाओं में सम्मिलित होंगे। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशेष तिवारी का कहना है कि परीक्षा और गोपनीय कार्यों को लेकर मार्च अंतिम सप्ताह में बैठक बुलाई जाएगी। वे कहते हैं कि अप्रैल से होने वाली परीक्षा में व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है।
परीक्षा करवाने को लेकर विश्वविद्यालय के दायरे में आने वाले अधिकांश शैक्षणिक संस्थानों को केंद्र बनाया जाएगा। इसमें सरकारी और निजी कालेज दोनों शामिल हैं। इन परीक्षा के लिए 180 केंद्र रखे जाएंगे। 80 कॉलेज इंदौर शहर में बनाए जाएंगे। जबकि बाकी केंद्र इंदौर, धार और झाबुआ जिले में होंगे। इन केंद्रों पर भी आब्जर्वर के अलावा उड़नदस्ते निगरानी करेंगे।
परीक्षा करवाने के अलावा विश्वविद्यालय ने कापियां जांचने और रिजल्ट जल्द घोषित करने की रुपरेखा बनाई है। वर्तमान स्थिति में विश्वविद्यालय के पास 800 मूल्यांकनकर्ता हैं। मगर इन परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए 300 और शिक्षकों को कापियां जांचने की जिम्मेदारी दी जाएगी। निजी कालेजों में पढ़ाने वाले विषय विशेषज्ञों को मूल्यांकनकर्ता बनाया जाएगा। इसके लिए अप्रैल पहले सप्ताह से प्रक्रिया शुरू होगी।