ग्वालियर के कृषि विश्वविद्यालय में ‘नो व्हीकल फ्राइडे’ लागू, ई-व्हीकल और कार पूलिंग को मिलेगा बढ़ावा
इस दिन निजी वाहनों का उपयोग नहीं किया जाएगा, जबकि अन्य दिनों में ई-व्हीकल, सार्वजनिक परिवहन और वाहन शेयरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 22 May 2026 10:39:04 AM (IST)Updated Date: Fri, 22 May 2026 10:41:50 AM (IST)
कृषि विश्वविद्यालय में ई-वाहन से आते कुलपति। नईदुनियाHighLights
- जीवाजी विश्वविद्यालय के बाद अब कृषि विश्वविद्यालय की पहल
- कुलपति डॉ. अरविंद शुक्ला ई-व्हीकल से पहुंचे कार्यालय
- अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ लिया बड़ा फैसला
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। बढ़ती ईंधन खपत, पर्यावरण संकट और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ने ‘नो व्हीकल फ्राइडे’ की नई पहल शुरू की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सप्ताह में एक दिन निजी वाहनों के उपयोग पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
इस पहल की शुरुआत कुलपति डॉक्टर अरविंद कुमार शुक्ला ने स्वयं ई-व्हीकल से कार्यालय पहुंचकर की। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित बैठक में उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ चर्चा कर निर्णय लिया कि अब विश्वविद्यालय, उससे जुड़े कॉलेजों और कृषि विज्ञान केंद्रों में प्रत्येक शुक्रवार ‘नो व्हीकल फ्राइडे’ के रूप में मनाया जाएगा।
इस दिन निजी वाहनों का उपयोग नहीं किया जाएगा, जबकि अन्य दिनों में ई-व्हीकल, सार्वजनिक परिवहन और वाहन शेयरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। कुलपति डॉक्टर शुक्ला ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। वर्तमान समय में देश ऊर्जा और आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है, ऐसे में छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।
जेयू में पांच महीने पहले हुई थी शुरुआत
जीवाजी विश्वविद्यालय में भी पांच महीने पहले ‘नो व्हीकल डे’ की शुरुआत की गई थी। वहां हर महीने की 2 और 16 तारीख को परिसर में प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से निजी वाहनों के उपयोग को सीमित किया जाता है। अब कृषि विश्वविद्यालय की इस पहल को भी ग्रीन कैंपस अभियान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।