
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने सितंबर एवं नवंबर 2026 में आयोजित होने वाली सीए फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। जारी अधिसूचना के अनुसार इंटरमीडिएट परीक्षा ग्रुप-फर्स्ट की परीक्षाएं एक, तीन और छह सितंबर 2026 को तथा ग्रुप-सेकंड की परीक्षाएं आठ, 10 एवं 12 सितंबर 2026 को आयोजित होंगी।
वहीं फाउंडेशन कोर्स की परीक्षाएं दो, पांच, सात और नौ सितंबर 2026 को होंगी। सीए फाइनल परीक्षा ग्रुप-फर्स्ट की परीक्षाएं दो, चार और छह नवंबर 2026 को तथा ग्रुप-सेकंड की परीक्षाएं नौ, 11 एवं 13 नवंबर को आयोजित की जाएंगी।
आईसीएआई द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा आवेदन फार्म भरने की ऑनलाइन प्रक्रिया छह जुलाई 2026 से प्रारंभ होगी। अभ्यर्थी बिना विलंब शुल्क के 19 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकेंगे, जबकि 22 जुलाई 2026 तक 600 रुपये लेट फीस के साथ आवेदन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अतिरिक्त परीक्षा शहर या माध्यम में संशोधन के लिए करेक्शन विंडो 23 से 25 जुलाई 2026 तक खुली रहेगी।
सुरक्षा के साथ-साथ प्रशिक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी
आईसीएआई की ओर से विद्यार्थियों की आर्टिकलशिप गतिविधियों को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से 'आईसीएआई ई-डायरी सिस्टम' लागू किया गया है। यह नई डिजिटल व्यवस्था विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण की मानिटरिंग को अधिक प्रभावी बनाएगी तथा आर्टिकलशिप प्रक्रिया में अनुशासन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।
सभी आर्टिकल असिस्टेंट्स को एसएसपी पोर्टल के माध्यम से ई-डायरी में लागिन कर प्रतिदिन किए गए कार्यों की आनलाइन एंट्री करना अनिवार्य होगा। विद्यार्थी अपनी दैनिक गतिविधियों में कार्य की प्रकृति, अवधि (हाफ डे/फुल डे), सब-टास्क एवं अन्य प्रोफेशनल कार्यों का विवरण दर्ज कर सकेंगे। यदि कोई कार्य सूची में उपलब्ध नहीं है तो 'अदर टास्क' विकल्प के माध्यम से उसे भी जोड़ा जा सकेगा।
प्रत्येक माह को दो भागों F1 (1 से 15 तारीख) एवं F2 (16 तारीख से माह के अंतिम दिन) में विभाजित किया गया है। विद्यार्थियों को संबंधित फोर्टनाइट की एंट्री उसी अवधि में सबमिट करना अनिवार्य होगा। उदाहरण स्वरूप 1 से 15 जनवरी तक की कार्य प्रविष्टियां 16 से 31 जनवरी के बीच सबमिट करनी होंगी।
समय पर सबमिशन नहीं करने पर सिस्टम द्वारा आटोमैटिक लीव मार्किंग भी की जा सकती है। आईसीएआई ने स्टाइपेंड मॉनिटरिंग को भी अनिवार्य बनाया है। विद्यार्थियों को प्रत्येक माह स्टाइपेंड राशि, भुगतान की स्थिति, भुगतान का माध्यम एवं भुगतान तिथि ई-डायरी में दर्ज करनी होगी।
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आईसीएआई की ओर से जारी परीक्षा कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए स्पष्ट दिशा प्रदान करता है। सभी अभ्यर्थियों को समय पर आवेदन कर व्यवस्थित तैयारी शुरू करनी चाहिए। निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समय प्रबंधन से ही सफलता संभव है। परीक्षा को अवसर मानकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। - सीए पंकज शर्मा, उपाध्यक्ष, आईसीएआई ग्वालियर ब्रांच
आईसीएआई का यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो विद्यार्थियों में प्रोफेशनल अनुशासन विकसित करने के साथ-साथ आर्टिकलशिप प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और अधिक मजबूत बनाएगा। सभी विद्यार्थी अपनी ई-डायरी अपडेट करें। - सीए नागेंद्र सिंह कुशवाह, सिकासा चेयरमैन।