
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। 2026-27 सत्र के लिए प्रदेशभर के सरकारी और निजी कालेजों से संचालित स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश को लेकर आज से प्रक्रिया शुरू हो गई है। एमपी ऑनलाइन पर कोर्स-कॉलेज और सीटों की जानकारी अपलोड कर दी गई है। 1360 शैक्षणिक संस्थानों से स्नातक-स्नातकोत्तर और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम संचालित होते हैं, जिसमें 569 शासकीय और 800 निजी व अनुदान प्राप्त कॉलेज हैं।
यहां से आठ लाख स्नातक पाठ्यक्रम की सीटें हैं, जिसमें बीए, बीकॉम, बीएससी, बीजेएमसी, बीएसडब्ल्यू, बीएचएमएसी सहित अन्य पाठ्यक्रम हैं। अकेले देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दायरे में आने वाले 180 कालेजों के विद्यार्थी भी चुन सकेंगे। यहां ढाई लाख सीटें हैं।
शिक्षाविद् डॉ. आशीष तिवारी का कहना है कि विद्यार्थियों को आवेदन करने के दौरान अपने दस्तावेज अपलोड करना है, जिसमें शैक्षणिक योग्यता से जुड़े दस्तावेज, जाति-आय प्रमाण पत्र, मूल निवासी शामिल हैं। पंजीयन होने के बाद विद्यार्थियों को कॉलेज व कोर्स की च्वाइस फीलिंग करना होगी।
2 मई से बीएड-एमएड सहित एनसीटीई से मान्यता प्राप्त कोर्स की काउंसिलिंग होना है, लेकिन अभी तक उच्च शिक्षा विभाग ने पोर्टल पर कॉलेजों की सूची अपलोड नहीं की है। कारण यह है कि संस्थानों को संबद्धता, फीस विनियम समिति का प्रणाम पत्र देना था। यह पहली बार विभाग ने कॉलेजों से मांग की है। यह प्रक्रिया अधिकांश कॉलेजों की तरफ से पूरी नहीं हो पाई है। इसके चलते कॉलेजों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
मामले में कॉलेजों ने ई-प्रवेश पोर्टल पर सूची अपलोड करने की मांग की है। साथ ही सात दिन में संबंधित दस्तावेज जमा करने की बात कही है। फिलहाल विभाग की तरफ से राहत नहीं मिली है।
अशासकीय कॉलेज संचालक संघ के अध्यक्ष अभय पांडे और रवि भदौरिया का कहना है कि विभाग ने चार दिन पहले ही कुछ अन्य दस्तावेज की मांग की है। पर्याप्त समय नहीं दिया गया है। इसका खामियाजा कॉलेजों को भुगतना पड़ेगा, क्योंकि संस्थानों के नाम नहीं होंगे तो विद्यार्थी च्वाइस फीलिंग नहीं कर पाएंगे।
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