
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश में कॉलेजों में संचालित स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया इन दिनों जारी है, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आवेदन की प्रक्रिया पहले ही अपार और एबीसी आईडी जैसी औपचारिकताओं के कारण जटिल हो चुकी थी और अब समग्र आईडी से जुड़ी दिक्कतों ने स्थिति को और मुश्किल बना दिया है।
दरअसल, इन दिनों समग्र पोर्टल का सर्वर लगातार डाउन चल रहा है। इसकी वजह से जिन विद्यार्थी ने दो साल से समग्र के लिए व्यक्तिगत जानकारी नहीं दी। उनके समग्र आईडी को अपडेट नहीं हो पाए है। यह आईडी पंजीयन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके बिना आवेदन पूरा नहीं हो पा रहा। हालात यह है कि बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हुए है। इससे उनका पंजीयन अटका हुआ है और इसका सीधा असर काउंसिलिंग प्रक्रिया पर भी देखने को मिल रहा है।
शनिवार को कालेजों में बनाए गए सहायता केंद्रों पर विद्यार्थियों की लंबी कतारें देखी गईं। यहां पहुंचे छात्रों ने शिकायत की कि वे बार-बार कोशिश करने के बावजूद समग्र आईडी अपडेट नहीं कर पा रहे हैं। कई छात्रों ने बताया कि पोर्टल या तो खुल ही नहीं रहा और अगर खुलता है तो बीच में ही हैंग हो जाता है या एरर दिखाने लगता है। कालेज प्रशासन भी इस समस्या से चिंतित है।
अधिकारियों के मुताबिक विभिन्न कॉलेजों से समग्र पोर्टल की तकनीकी खामियों की जानकारी उच्च शिक्षा विभाग को भेज दी गई है। साथ ही यह मांग भी उठाई गई है कि जब तक पोर्टल की समस्या पूरी तरह ठीक नहीं हो जाती। तब तक पंजीयन प्रक्रिया में समग्र आईडी को अनिवार्य न रखा जाए या उसमें अस्थायी छूट दी जाए।
उच्च शिक्षा विभाग ने इस पूरे मामले में समन्वय के लिए अतिरिक्त संचालक को जिम्मेदारी सौंपी है, जो तकनीकी टीम और संबंधित विभागों के साथ मिलकर समस्या के समाधान का प्रयास कर रहे हैं। शिक्षाविद डॉ. कविता कासलीवाल का कहना है कि समग्र आईडी अपडेट नहीं होने से विद्यार्थियों की चिंता बढ़ती जा रही है, क्योंकि पंजीयन के लिए निर्धारित समय दिया है।
ऐसे विद्यार्थी अच्छे कॉलेजों में प्रवेश लेने से वंचित हो सकते है। वे कहती है कि यदि जल्द ही पोर्टल की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
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