कपिल नीले, नईदुनिया इंदौर: प्रदेश में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए बड़ा बदलाव किया है। उच्च शिक्षा विभाग ने पहली बार पारंपरिक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा अनिवार्य कर दी है। यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू की गई है और इसकी जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालयों को सौंपी गई है। इसी क्रम में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) भी पीजी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक पीजी प्रवेश परीक्षा मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के पहले सप्ताह में आयोजित की जा सकती है। आवेदन प्रक्रिया फरवरी के पहले सप्ताह में शुरू होगी। डीएवीवी ने ऐसे विद्यार्थियों को आवेदन करने के निर्देश दिए हैं, जो संकाय-मेजर या माइनर विषय बदलकर स्नातकोत्तर की पढ़ाई करना चाहते हैं। आवेदन फार्म छह और सात फरवरी को भरे जाएंगे।
उच्च शिक्षा विभाग ने 2025-26 सत्र से स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू कर दिया है। इसके तहत विद्यार्थियों को संकाय बदलने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है। अब बी.एससी या बी.कॉम करने वाला छात्र एम.ए कर सकता है, वहीं, बी.ए या बी.एससी करने वाला छात्र एम.कॉम में प्रवेश ले सकता है। इतना ही नहीं विद्यार्थी अपने मेजर और माइनर विषय भी बदल सकते हैं।
अब तक की व्यवस्था में संकाय बदलने के इच्छुक विद्यार्थियों को प्रवेश पोर्टल पर पहले ही जानकारी देनी होती थी। विभाग की ओर से साक्षात्कार सूची बनाकर विश्वविद्यालय को भेजी जाती थी। विश्वविद्यालय साक्षात्कार के आधार पर पात्रता तय करता था और फिर विद्यार्थियों को कोर्स आवंटित किया जाता था, लेकिन 2026-27 सत्र से यह प्रक्रिया पूरी तरह बदल दी गई है।
अब प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को पीजी में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करना अनिवार्य कर दिया गया है। डीएवीवी ने इस दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है और शनिवार को इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशेष तिवारी ने बताया कि प्रवेश परीक्षा के बाद विद्यार्थियों को साक्षात्कार प्रक्रिया से भी गुजरना होगा। प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर ही विद्यार्थियों को उनकी पसंद के पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलेगा। वे कहते हैं कि जिन विद्यार्थियों को संकाय व विषय नहीं बदलना है, उन्हें प्रवेश परीक्षा देने की जरूरत नहीं है। वे सीधे पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकेंगे।
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डीएवीवी ने 38 पाठ्यक्रम की परीक्षा का शेड्यूल जारी किया
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) मार्च से स्नातक पाठ्यक्रम की वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित करने जा रहा है। विश्वविद्यालय ने 38 से अधिक पाठ्यक्रमों का परीक्षा टाइम टेबल जारी कर दिया है, जिसमें स्नातक के दूसरे, तीसरे और चौथे वर्ष की परीक्षाओं का विवरण शामिल है। ये परीक्षाएं मार्च से जून के बीच आयोजित की जाएंगी। विशेष रूप से, पारंपरिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी।
बीएबीएड के पेपर अप्रैल में रखे गए हैं। दूसरे वर्ष की परीक्षाएं 1 अप्रैल से 4 मई के बीच, चौथे वर्ष की परीक्षाएं 2 से 28 अप्रैल के बीच और छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं 6 से 29 अप्रैल के बीच होंगी। इस बार परीक्षाओं की व्यवस्था में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नकल रोकने के लिए विश्वविद्यालय ने सख्त कदम उठाए हैं।
उड़नदस्तों की मदद के साथ-साथ सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों को भी परीक्षा केंद्रों पर आब्जर्वर के रूप में तैनात किया जाएगा। इनकी जिम्मेदारी परीक्षा केंद्रों की निगरानी और व्यवस्था सुनिश्चित करना होगी। इसके लिए लगभग 25 से 35 सेवानिवृत्त अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। तीन महीने तक चलने वाली इन परीक्षाओं में लगभग सवा लाख विद्यार्थी शामिल होंगे।
तीन सत्रों में होंगी परीक्षाएं
परीक्षाओं के लिए लगभग 120 केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक दिन तीन सत्रों में परीक्षाएं होंगी। पहला सत्र सुबह सात से 10 बजे तक, दूसरा सत्र सुबह 11 से दोपहर दो बजे तक और तीसरा सत्र दोपहर तीन से शाम छह बजे तक आयोजित होगा। बी.ए, बी.कॉम, बी.एससी, बी.जे.एम.सी, बी.वॉक सहित अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं मार्च से शुरू होंगी।
सबसे पहले स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षाएं 5 मार्च से 30 मार्च तक कराई जाएंगी। इसके बाद चतुर्थ वर्ष की परीक्षाएं पांच मार्च से 16 मार्च के बीच आयोजित होंगी। द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं 16 अप्रैल से चार मई तक चलेंगी। विश्वविद्यालय से जुड़े 180 कॉलेजों के करीब एक लाख 30 हजार छात्र-छात्राओं ने परीक्षाओं के लिए आवेदन किया है।
नकल रोकने के लिए कुल 10 उड़नदस्ते बनाए गए हैं। इनमें से पांच टीमें शहर के परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगी, जबकि शेष पांच टीमें धार और आलीराजपुर जिलों के परीक्षा केंद्रों का दौरा करेंगी। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षाएं मई के दूसरे सप्ताह से शुरू होंगी और प्रथम वर्ष का टाइम टेबल मार्च तक जारी कर दिया जाएगा।