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NEET परीक्षा का पूरा पैटर्न... समझिए 180 सवाल, 720 नंबर और निगेटिव मार्किंग का पूरा गणित

नीट (NEET-UG) परीक्षा को लेकर हालिया विवादों और री-एग्जाम की खबरों के बीच, देश के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के मन में इस परीक्षा को लेकर कई सवाल हैं।

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 18 Jun 2026 01:38:08 PM (IST)Updated Date: Thu, 18 Jun 2026 01:38:08 PM (IST)
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NEET परीक्षा का पूरा पैटर्न... समझिए 180 सवाल, 720 नंबर और निगेटिव मार्किंग का पूरा गणित
NEET परीक्षा का पूरा पैटर्न (ये तस्वीर एआई से बनाई गई है)

HighLights

  1. नीट परीक्षा में पूछे जाते हैं कुल 200 प्रश्न, करने होते हैं 180
  2. हर सही जवाब पर मिलते हैं 4 अंक, गलत होने पर कटता है 1 नंबर
  3. फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषयों में बंटा होता है पेपर

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। नीट (NEET-UG) परीक्षा को लेकर हालिया विवादों और री-एग्जाम की खबरों के बीच, देश के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के मन में इस परीक्षा को लेकर कई सवाल हैं। देश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों (जैसे AIIMS, JIPMER आदि) में MBBS, BDS, BAMS और BHMS जैसे कोर्सेज में दाखिले के लिए नीट इकलौता जरिया है।

अगर आप भी इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं या इसके नियमों को विस्तार से समझना चाहते हैं, तो आइए जानते हैं कि आखिर नीट परीक्षा का पूरा पैटर्न और मार्किंग स्कीम क्या है।

1. परीक्षा का मोड और समय (Exam Mode & Duration)

ऑफलाइन परीक्षा: नीट की परीक्षा पूरी तरह से पेन और पेपर मोड (Offline) में होती है, जहां छात्रों को ओएमआर (OMR) शीट पर सही गोलों को भरना होता है।

समय सीमा: इस परीक्षा को हल करने के लिए छात्रों को कुल 3 घंटे और 20 मिनट (यानी कुल 200 मिनट) का समय मिलता है।

2. कुल प्रश्न और विषयों का बंटवारा (180 vs 200 Questions)

भले ही छात्रों को 180 सवालों के ही जवाब देने होते हैं, लेकिन प्रश्नपत्र में कुल 200 सवाल पूछे जाते हैं। परीक्षा में चार विषय होते हैं: फिजिक्स (Physics), केमिस्ट्री (Chemistry), बॉटनी (Botany) और जूलॉजी (Zoology)।

हर विषय को दो सेक्शन (Section A और Section B) में बांटा जाता है...

  • सेक्शन A (Section A): इसमें हर विषय से 35 अनिवार्य सवाल होते हैं। इन्हें छोड़ना विकल्प नहीं होता।
  • सेक्शन B (Section B): इसमें हर विषय से 15 सवाल पूछे जाते हैं, जिनमें से छात्रों को अपनी पसंद के किन्हीं 10 सवालों के जवाब देने होते हैं। यानी हर विषय में 5 सवालों को छोड़ने की छूट मिलती है।

सवालों का गणित

हर विषय से 35 (Section A) + 10 (Section B) = 45 सवाल करने होते हैं।

कुल 4 विषय * 45 सवाल = 180 सवाल।

3. 720 नंबर की पूरी प्रक्रिया और मार्किंग स्कीम (Marking Scheme)

नीट परीक्षा की मार्किंग स्कीम बेहद कड़क होती है, जहां एक-एक नंबर पर हजारों रैंक का अंतर आ जाता है।

  • सही उत्तर के लिए: हर सही जवाब पर छात्र को +4 अंक मिलते हैं।
  • गलत उत्तर के लिए (Negative Marking): यदि कोई जवाब गलत होता है, तो -1 अंक काट लिया जाता है।
  • बिना हल किए सवाल: यदि छात्र किसी सवाल को खाली छोड़ देता है (अटेम्प्ट नहीं करता), तो उसके लिए 0 अंक मिलते हैं (कोई नंबर नहीं कटता)।

180 सवाल * 4 अंक = 720 कुल मार्क्स

4. टाई-ब्रेकर नियम: जब दो छात्रों के नंबर बराबर हों

चूंकि प्रतियोगिता बहुत कठिन है, इसलिए कई बार दो या दो से अधिक छात्रों के कुल अंक (जैसे 720 में से 700) बराबर आ जाते हैं। ऐसी स्थिति में रैंक तय करने के लिए खास नियम अपनाए जाते हैं:

  • बायोलॉजी के अंक: सबसे पहले देखा जाता है कि बायोलॉजी (बॉटनी + जूलॉजी) में किसके नंबर ज्यादा हैं। जिसके ज्यादा होंगे, उसे बेहतर रैंक मिलेगी।
  • केमिस्ट्री के अंक: यदि बायोलॉजी में भी नंबर बराबर हैं, तो केमिस्ट्री के मार्क्स देखे जाते हैं।
  • फिजिक्स के अंक: अगर ऊपर के दोनों विषयों में नंबर बराबर हैं, तो फिजिक्स के मार्क्स देखे जाते हैं।
  • गलत उत्तरों का अनुपात: जिसके गलत उत्तर कम (कम निगेटिव मार्किंग) होंगे, उसे प्राथमिकता दी जाएगी।

नीट परीक्षा में सफलता पाने के लिए केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि सटीक टाइम मैनेजमेंट और एक्यूरेसी (सटीकता) की जरूरत होती है। गलत उत्तरों पर कटने वाले नंबरों (Negative Marking) से बचने के लिए छात्रों को केवल उन्हीं 180 सवालों को चुनना होता है, जिन पर उन्हें पूरा भरोसा हो।

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