
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। वर्षाकाल में मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यह बीमारियां उन्हे आसानी से चपेट में लेती हैं, जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है। इस दौरान मौसमी फ्लू के मामले भी काफी बढ़ जाते हैं। इससे बचाव के लिए सेहत का ध्यान रखने के साथ ही अपनी डाइट में उन चीजों को शामिल करें जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार हाें।
फ्लू के लक्षणों को सामान्य सर्दी.जुकाम समझकर न करें नजरअंदाज नहीं करें। यह स्वाइन फ्लू की वजह बन सकते है। इन दिनों वायरल के अलावा स्वाइन का खतरा बढ़ रहा है। आसपास के जिलों में स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आ रहे है। खंडवा जिले में अभी किसी मरीज में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।
यह बात जिला अस्पताल के महामारी रोग विशेषज्ञ डा. योगेश शर्मा ने हेलो नईदुनिया कार्यक्रम में पाठकों को परामर्श देते हुए कही। उन्होने कहा कि बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण के मामले सामने आते हैं। ऐसे में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण के लक्षणों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।
सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर लक्षणों को नजरअंदाज करने से बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। हालांकि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन समय पर पहचान, चिकित्सकीय सलाह और सावधानी से जटिलताओं से बचा जा सकता है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू के संक्रमण से बचाव के लिए हाथों को साबुन से नियमित धोना, खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढंकना, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतना और पर्याप्त वेंटिलेशन रखना जरूरी है। बीमारी के लक्षण होने पर दूसरों के निकट संपर्क से बचें और चिकित्सकीय सलाह लें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार फ्लू वैक्सीन भी सुरक्षा में मदद कर सकती है। सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर स्वयं एंटीबायोटिक या अन्य दवा लेना उचित नहीं है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद आइसीएमआर के अनुसार वायरस का कोई नया स्ट्रेन सामने नहीं आया हैए इसलिए घबराने की जरूरत नहीं हैए बल्कि सतर्क रहने की आवश्यकता है।
सवाल: स्वाइन फ्लू क्या है। यह कैसे फैलता है। -सुधीर कुमार सोनी
जवाब: स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाला श्वसन संक्रमण है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या निकट संपर्क में आने से फैल सकता है। कुछ लोगों में संक्रमण हल्का रहता है, जबकि जोखिम वाले लोगों में यह गंभीर हो सकता है।
सवाल: सामान्य बुखार-सर्दी और स्वाइन के प्रमुख लक्षण कौन से हैं। -प्रीति चौबे, खंडवा
जवाब: स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षण बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान और कमजोरी हैं। कुछ मरीजों में उल्टी या दस्त जैसी शिकायत भी हो सकती है। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण गंभीर स्थिति का संकेत हो सकते हैं।
सवाल: स्वाइन फ्लू से किन लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। -दीपक सिंह, हरसूद
जवाब: स्वाइन फ्लू छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग तथा पहले से अस्थमा, मधुमेह, हृदय या अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों में संक्रमण गंभीर होने का खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों में लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
यह भी पढ़ें- इंदौर में स्वाइन फ्लू का दूसरा मामला, 62 वर्षीय महिला निजी अस्पताल में भर्ती, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप