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टैटू बनवाने से पहले हो जाएं सावधान! संक्रमित सुई बढ़ा रही एचआईवी और स्किन एलर्जी का खतरा, इन बातों का रखें ध्यान

कानपुर में संक्रमित सुई से टैटू बनवाने के बाद एचआईवी संक्रमण का मामला सामने आने से भोपाल में भी टैटू सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। शहर में 50 से अध...और पढ़ें

By anjalisingh tomarEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Fri, 07 Aug 2026 12:58:24 PM (IST)Updated Date: Fri, 07 Aug 2026 12:59:23 PM (IST)
टैटू बनवाने से पहले हो जाएं सावधान! संक्रमित सुई बढ़ा रही एचआईवी और स्किन एलर्जी का खतरा, इन बातों का रखें ध्यान
भोपाल में संक्रमित सुई बढ़ा रही एचआईवी और स्किन एलर्जी का खतरा (AI तस्वीर)

HighLights

  1. बीमारी के लक्षण आने में लग सकते हैं 3-6 महीने
  2. नई डिस्पोजेबल सुई और जांच ही सबसे बड़ा बचाव
  3. संक्रमण का संदेह होने पर बिना देरी डॉक्टर से परामर्श लें

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। कानपुर में संक्रमित सुई से टैटू बनवाने के बाद एचआईवी संक्रमण का मामला सामने आने से भोपाल में भी टैटू सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। शहर में 50 से अधिक टैटू स्टूडियो संचालित हैं और बड़ी संख्या में युवा टैटू बनवा रहे हैं। वहीं, मध्य प्रदेश में एचआईवी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और 2025 में इसके 70 हजार से अधिक होने का अनुमान है।

विशेषज्ञों के अनुसार संक्रमित या दोबारा इस्तेमाल की गई सुई से एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी जैसी गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं। संक्रमण के लक्षण कई बार 3-6 महीने बाद सामने आते हैं, इसलिए सुरक्षित टैटू और समय पर जांच बेहद जरूरी है।


एमपी में लगातार बढ़ रहे एचआईवी के मरीज

मध्य प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति (एसपीएसएसीएस) और एनएसीओ के अनुसार प्रदेश में एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

वर्ष -अनुमानित मरीज

2020 - 40,844

2021- 42,916

2022- 46,277

2023- 50,491

2024- 54,343

2025- 70 हजार से अधिक (अनुमान)

सरकारी रिकॉर्ड में टैटू से होने वाले संक्रमण की अलग गिनती नहीं होती। इसे दूषित सुई से संक्रमण की श्रेणी में रखा जाता है। मध्यप्रदेश में करीब 8 हजार इंजेक्शन ड्रग यूजर्स हैं, जिनमें एचआईवी संक्रमण दर 4.2% है। भोपाल में 1,223 लोग चिन्हित हैं।

ये हो सकते हैं शुरुआती लक्षण

संक्रमित सुई से संक्रमण होने पर शुरुआत में बार-बार बुखार आना, शरीर में दर्द और कमजोरी, गले में खराश, लिम्फ नोड्स (गांठों) में सूजन, बिना वजह वजन कम होना और बार-बार संक्रमण होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर तुरंत डाक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

कौन-कौन सी बीमारियों का खतरा

एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, बैक्टीरियल संक्रमण, फंगल संक्रमण, स्किन एलर्जी टिटनेस (असुरक्षित सुई होने पर)

संक्रमण का शक होने पर कराएं ये जांच

यदि संक्रमित सुई से संक्रमण का संदेह हो तो बिना देरी किए डाक्टर से परामर्श लें। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उचित समय पर एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और वीडीआरएल (सिफलिस) की जांच कराएं। जरूरत पड़ने पर डाक्टर अन्य आवश्यक रक्त जांच भी कराने की सलाह दे सकते हैं।

किन लोगों को टैटू बनवाने से बचना चाहिए?

डायबिटीज के मरीज, गर्भवती महिलाएं, त्वचा रोग, एलर्जी या कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को टैटू बनवाने से पहले डाक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। इनमें संक्रमण, घाव देर से भरने और एलर्जी जैसी समस्याओं का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक रहता है।

इन बातों का रखें ध्यान

नई डिस्पोजेबल सुई का इस्तेमाल होते देखें। टैटू आर्टिस्ट नए ग्लव्स पहनें। मशीन और उपकरण सैनिटाइज हों। स्टूडियो साफ-सुथरा हो। इस्तेमाल की गई सुई दोबारा न लगाई जाएं।

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टैटू बनवाने के बाद क्या करें

48 घंटे तक टैटू वाली जगह साफ रखें। डॉक्टर की बताई क्रीम लगाएं। खुजलाने और गंदे पानी से बचें। तेज धूप से बचें। लालपन, पस या तेज दर्द होने पर तुरंत डाक्टर को दिखाएं।

मैं पिछले 15 वर्षों से टैटू बना रहा हूं। हर ग्राहक के लिए नई डिस्पोजेबल सुई, नए ग्लव्स और अलग इंक कैप का उपयोग किया जाता है। सभी उपकरण सैनिटाइज किए जाते हैं ताकि संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे तक न पहुंचे। राहुल मेवाड़ा, टैटू आर्टिस्ट।

यदि संक्रमित सुई से वायरस शरीर में पहुंचता है तो उसके लक्षण तुरंत नहीं आते। कई मामलों में 3 से 6 महीने बाद तक लक्षण सामने आते हैं। इस दौरान व्यक्ति सामान्य दिख सकता है, लेकिन शरीर में संक्रमण विकसित हो रहा होता है।हेमंत पांडेय, साइंटिफिक स्टाफ, आण्विक परीक्षण विशेषज्ञ।