• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • लाइफस्टाइल

बारिश में बढ़ती है त्वचा संबंधित समस्याएं, बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं, बरतें सावधानी

फंगल इंफेक्शन में त्वचा पर लाल गोल निशान, खुजली और जलन दिखाई दे सकती है। यह संक्रमण अक्सर बगल, जांघों के बीच, गर्दन और त्वचा की सिलवटों में अधिक होता ...और पढ़ें

By Vinay YadavEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Thu, 18 Jun 2026 11:34:10 AM (IST)Updated Date: Thu, 18 Jun 2026 11:34:10 AM (IST)
  • Join करें
बारिश में बढ़ती है त्वचा संबंधित समस्याएं, बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं, बरतें सावधानी
त्वचा का रखें ध्यान। (एआई इमेज)

HighLights

  1. बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ा देता है
  2. इस मौसम में वातावरण में नमी अधिक होती है, जिससे शरीर पर पसीना लंबे समय तक बना रहता है
  3. नमी और पसीने के कारण त्वचा पर बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ा देता है। इस मौसम में वातावरण में नमी अधिक होती है, जिससे शरीर पर पसीना लंबे समय तक बना रहता है। नमी और पसीने के कारण त्वचा पर बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं। यही वजह है कि बारिश के दिनों में फंगल इंफेक्शन, एथलीट फुट, फोड़े-फुंसी और मुंहासों जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।

यह कहना है डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. संगीता पाटा अग्रवाल का। उन्होंने बताया कि फंगल इंफेक्शन में त्वचा पर लाल गोल निशान, खुजली और जलन दिखाई दे सकती है। यह संक्रमण अक्सर बगल, जांघों के बीच, गर्दन और त्वचा की सिलवटों में अधिक होता है। वहीं एथलीट फुट में पैरों की उंगलियों के बीच खुजली, बदबू और त्वचा का छिलना देखा जा सकता है। अधिक पसीना और गीले जूते-मोजे इस समस्या को बढ़ा सकते हैं।


तेल, धूल और गंदगी के कारण मुंहासे भी बढ़ सकते हैं

दूसरी ओर, त्वचा पर जमा तेल, धूल और गंदगी के कारण मुंहासे भी बढ़ सकते हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए त्वचा को हमेशा साफ और सूखा रखना जरूरी है। नहाने के बाद शरीर के उन हिस्सों को अच्छी तरह सुखाएं जहां नमी जमा होने की संभावना अधिक रहती है। ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि त्वचा को हवा मिलती रहे। टाइट और सिंथेटिक कपड़े पसीना रोककर संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं।

दिन में दो बार हल्के फेसवॉश का उपयोग करें

चेहरे की सफाई के लिए दिन में दो बार हल्के फेसवाश का उपयोग करें और आयल-फ्री माइस्चराइज़र लगाएं। अपने तौलिये, कपड़े या अन्य व्यक्तिगत वस्तुएं किसी के साथ साझा न करें, क्योंकि इससे संक्रमण फैल सकता है। बारिश के मौसम में भी सनस्क्रीन लगाना न भूलें। यदि खुजली लगातार बढ़ रही हो, त्वचा पर लाल चकत्ते फैल रहे हों या संक्रमण बार-बार हो रहा हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। डाक्टर की सलाह और उचित उपचार से त्वचा को स्वस्थ और सुरक्षित रखा जा सकता है।

तपती धूप और प्रदूषण से झुलस गई है स्किन? घर पर बनाएं ये खास मास्क, पार्लर जैसा निखार मिलेगा फ्री