सावधान! आपकी सोने की पोजीशन बढ़ा सकती है चेहरे की झुर्रियां, 'स्लीप रिंकल्स' से बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स
एस्थेटिक सर्जरी जर्नल की रिसर्च के अनुसार, सोने का गलत तरीका चेहरे पर 'स्लीप रिंकल्स' पैदा करता है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 22 Mar 2026 01:25:51 PM (IST)Updated Date: Sun, 22 Mar 2026 01:25:51 PM (IST)
एंटी-एजिंग क्रीम नहीं, सोने का सही स्टाइल रखेगा आपको जवां। (AI Generated Image)HighLights
- गलत स्लीप पोजीशन समय से पहले बूढ़ा दिखा सकती है
- चेहरे और तकिये का रगड़ खाना झुर्रियों का मुख्य कारण
- 30 की उम्र के बाद कोलेजन की कमी से बढ़ता है खतरा
लाइफस्टाइल डेस्क: अक्सर लोग बढ़ती उम्र के लक्षणों को रोकने के लिए महंगे स्किनकेयर और एंटी-एजिंग प्रोडक्ट्स पर हजारों रुपये खर्च करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी गलती इन सभी कोशिशों पर पानी फेर सकती है? हालिया शोध के अनुसार, आपके सोने का तरीका या 'स्लीप पोजीशन' आपकी त्वचा की उम्र तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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एस्थेटिक सर्जरी जर्नल की रिपोर्ट का खुलासा
'एस्थेटिक सर्जरी जर्नल' में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, जिस पोजीशन में आप सोते हैं, वह न केवल आपकी गर्दन और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करती है, बल्कि आपके चेहरे पर असमय झुर्रियां भी ला सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि नींद के दौरान चेहरे पर पड़ने वाला दबाव त्वचा की बनावट को स्थाई रूप से बिगाड़सकता है।
कैसे पड़ते हैं चेहरे पर निशान?
जब हम साइड (करवट) या पेट के बल सोते हैं, तो हमारे चेहरे की त्वचा और तकिये के बीच सीधा संपर्क होता है।
इस दौरान स्किन पर तीन प्रकार के बल काम करते हैं:
- कम्प्रेशन: चेहरे का तकिये से दबना।
- टेंशन: त्वचा का खिंचना।
- शियर फोर्सेस: त्वचा और कपड़े के बीच होने वाली रगड़।
विशेषज्ञों का कहना है कि 30 साल की उम्र के बाद शरीर में कोलेजन का स्तर कम होने लगता है। ऐसे में नींद के दौरान पड़ने वाली ये 'स्लीप लाइन्स' धीरे-धीरे गहरी झुर्रियों में तब्दील हो जाती हैं।
कौन सी पोजीशन है सबसे खतरनाक?
- पेट के बल सोना: इसे त्वचा के लिए सबसे बुरा माना गया है। इसमें चेहरा तकिये में धंसा रहता है, जिससे न केवल झुर्रियां पड़ती हैं बल्कि आंखों के नीचे सूजन (Puffiness) भी आ सकती है।
- करवट लेकर सोना: यह सबसे आम पोजीशन है, लेकिन इसमें गालों और ठुड्डी पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। अक्सर देखा जाता है कि लोग जिस तरफ ज्यादा सोते हैं, चेहरे के उस हिस्से पर रेखाएं अधिक गहरी होती हैं।
- पीठ के बल सोना (बेस्ट पोजीशन): झुर्रियों से बचने के लिए इसे 'गोल्डन रूल' माना गया है। इसमें चेहरा किसी भी सतह से नहीं टकराता, जिससे त्वचा सुरक्षित रहती है।
एक्सप्रेशन लाइन्स बनाम स्लीप रिंकल्स
अक्सर लोग स्लीप रिंकल्स को सामान्य उम्र बढ़ने वाली रेखाएं समझ लेते हैं। हालांकि, मुस्कुराने या भौहें सिकोड़ने से बनने वाली 'एक्सप्रेशन लाइन्स' मांसपेशियों के संकुचन से होती हैं, जबकि 'स्लीप रिंकल्स' बाहरी दबाव और खिंचाव का परिणाम होते हैं। अपनी सोने की आदत में बदलाव करके आप अपनी त्वचा को लंबे समय तक जवां रख सकते हैं।