
राहुल रैकवार, नईदुनिया, जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर अपने ऐतिहासिक गौरव के साथ-साथ एक से बढ़कर एक अनूठे खान-पान के जायकों के लिए भी जानी जाती है। यहां के कुछ पारंपरिक स्वादों के दीवाने न केवल शहर में हैं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी लोग इन खास व्यंजनों को ढूंढ़ते हुए प्रतिष्ठानों तक पहुंच जाते हैं। ऐसा ही एक जबरदस्त और बेहद लोकप्रिय स्वाद मिलता है।
जबलपुर के तैय्यबअली चौक के पास, जहां की गरमा-गरम पेटीज खाने के लिए हर वक्त शौकीनों की भीड़ उमड़ी रहती है। तैय्यबअली चौक की इस दुकान पर ग्राहकों को हमेशा ताजी, खस्ता और अत्यंत स्वादिष्ट पेटीज परोसी जाती है। इस पेटीज की सबसे बड़ी खासियत इसका लाजवाब स्वाद और बेहद किफायती दाम है।
स्कूल और कालेज होने की वजह से बच्चों और युवाओं के बीच यह पेटीज एक पसंदीदा स्नैक बन चुकी है, जिसे टमाटर सास के साथ बड़े चाव से खाया जाता है।
खास तौर पर मैदा और आलू से बनी इस पेटीज की खासियत ये है कि यह अधिक आयली नहीं होती। यहां मिलने वाली पेटीज कुरकुरी खस्तादार होती है। पेटीज में बेहतरीन परतें लाने के लिए घी में कार्नफ्लोर मिलाकर गूंथे हुए मैदे के आटे की पतली पूरियां बेली जाती हैं जिसे कई परत में पलटा जाता है।
आलू की तैयार स्टफिंग रखकर किनारों पर पानी लगाते हुए इसे तिकोना या चौकोर बंद कर लें। यहां आलू पेटीज के साथ पनीर पेटीज भी लोगों को पसंद आती है जिसमें अंदर आलू के मसाले के साथ पनीर के टुकड़े भी मिक्स रहते हैं।
अंत में धीमी आंच पर कड़ाही में तेल गरम करें और इन तैयार पेटीज को सुनहरा और खस्ता होने तक अच्छी तरह से डीप फ्राई किया जाता है। जिसे टमाटर सास के साथ परोसा जाता है।
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