नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। इस वर्ष शुभ मुहूर्त चार फरवरी से शुरू हो जाएंगे, जबकि पहला विवाह मुहूर्त पांच फरवरी को रहेगा। पूरे साल का अंतिम विवाह मुहूर्त छह दिसंबर को पड़ने वाला है। इस साल कुल 59 शुभ विवाह मुहूर्त रहेंगे। 14 मार्च से 13 अप्रैल तक शादियां नहीं होंगी।
फरवरी से मार्च तक विवाह के कई अवसर मिलेंगे, लेकिन 14 मार्च से 13 अप्रैल तक खरमास लगने के कारण शादियों पर विराम रहेगा।
सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास शुरू
ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ दुबे के अनुसार सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास शुरू हो जाता है और इस दौरान सभी प्रकार के मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। खरमास समाप्त होने के बाद विवाह का दौर फिर से शुरू होगा।
शादी के लिए शुभ तिथियां
मुहूर्तों की बात करें तो फरवरी में 12, मार्च में आठ, अप्रैल में आठ और मई में भी आठ शुभ तिथियां रहेंगी। हालांकि साल में कुछ ऐसे महीने भी आएंगे, जब एक भी विवाह मुहूर्त नहीं होगा। हिंदू धर्म के 16 संस्कारों में विवाह को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है, इसलिए लोग शुभ तिथि का विशेष ध्यान रखते हैं।
फरवरी में शादी का शुभ मुहूर्त : 5, 6, 7, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25, 26 तारीखें विवाह के लिए शुभ हैं।
तुलसी विवाह के साथ मांगलिक कार्यों की फिर शुरुआत
हर साल 15 जनवरी को धनुर्मास समाप्त होते ही शादियों का सिलसिला शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण जनवरी में एक भी विवाह मुहूर्त नहीं था।
वहीं, 25 जुलाई 2026 से चातुर्मास शुरू हो जाएगा, जो 20 नवंबर तक चलेगा। देवशयनी एकादशी से प्रारंभ होकर देवउठनी एकादशी तक सभी शुभ कार्य बंद रहते हैं। देवउठनी एकादशी के अगले दिन तुलसी विवाह के साथ मांगलिक कार्यों की फिर शुरुआत हो जाती है।