
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। बहुचर्चित सरकारी चावल हेराफेरी कांड में एसआईटी आरोपित राइस मिल संचालक सोनू जैन को लेकर सिवनी पहुंची। सोनी की नंदगोपाल राइस मिल में एसआईटी को डेढ़ हजार से अधिक खाली बोरे मिले हैं।
उल्लेखनीय है सोनू जैन पंजाब का निवासी है और पिछले छह-सात वर्षों से सिवनी में रह रहा है। उसकी यहां दो राइस मिलें हैं। एसआईटी इस मामले में मप्र, छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में दबिश देकर जांच कर रही है। अब तक 13 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि चार आरोपित अभी फरार हैं।
एसआइटी की जांच और गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपितों ने हाई कोर्ट की शरण ली है। सूत्रों के अनुसार, मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपितों ने जमानत याचिका और फरार चल रहे आरोपितों ने अग्रिम जमानत की याचिका लगाई है। इस पर सुनवाई होना बाकी है।
वारासिवनी थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 272/2026 में आरोपित सौरभ संचेती (फरार), उबेद खान और राहुल प्रताप (गिरफ्तार) वारासिवनी न्यायालय से जमानत खारिज होने के बाद जमानत लेने उच्च न्यायालय की शरण में पहुंचे हैं।
इससे पहले हाई कोर्ट में राहुल प्रताप की जमानत याचिका खारिज हो गई है। वहीं सौरभ संचेती की अग्रिम जमानत और उबेद खान की जमानत याचिका विचाराधीन है।
सौरभ संचेती की अग्रिम जमानत याचिका और गंभीर संचेती (फरार) की रिट याचिका पर 22 जुलाई को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई थी।
सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने केस डायरी उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए समय की मांग की, जिस पर उच्च न्यायालय ने शासकीय अधिवक्ता की मांग स्वीकार करते हुए केस डायरी प्रस्तुत करने के लिए समय दिया है। वहीं, उबेद खान की जमानत याचिका पर सुनवाई होना शेष है।
चावल चोरी के इस मामले में की जा रही जांच से संबंधित केस डायरी प्रस्तुत करने की स्थिति में गंभीर संचेती की रिट याचिका और सौरभ संचेती की अग्रिम जमानत याचिका पर संभवतः 31 जुलाई को उच्च न्यायालय में सुनवाई हो सकती है।