
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। चोरी के शक में गर्भवती महिला की पुलिस द्वारा कथित पिटाई के विरोध में 15 सितंबर को किरनापुर में हुए उपद्रव मामले में किरनापुर पुलिस ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे सहित 63 लोगों के विरुद्ध 16 धाराओं में नामजद एफआईआर दर्ज की है।
इनमें मरार माली समाज के ब्लॉक अध्यक्ष हिम्मतलाल गढ़वंशी, राधेश्याम सिघनधुपे, प्रकाश बाहे सहित 28 पदाधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस ने पीड़ित महिला के पति कैलाश चौधरी के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया है। पूर्व सांसद ने इसे दुर्भावनापूर्वक की गई कार्रवाई बताया है।
उग्र भीड़ ने की तोड़फोड़
उन्होंने कहा कि, पुलिस ने झूठी एफआईआर लिखी है। पुलिस ने पूर्व सांसद और समाज के पदाधिकारियों के विरुद्ध रैली का नेतृत्व के आरोप में कार्रवाई की है। प्रदर्शन व जनसभा के बाद उग्र भीड़ ने जबरन थाने में घुसकर वहां खड़े वाहनों, गमलों, खिड़कियों के कांच को क्षति पहुंचाई थी।
पुलिसकर्मियों से गाली-गलौच व मारपीट की थी। पुलिस ने मौके पर 35 लोगों को पकड़ लिया था। बता दें कि, वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने गुरुवार को 24 आरोपितों को जिला न्यायालय में पेश किया था। इनमें से 17 को जेल भेज दिया गया, जबकि सात अभी पीआर में हैं।
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सीसीटीवी कैमरे बताएंगे कौन सच्चा, कौन झूठा
‘नईदुनिया’ से चर्चा में कंकर मुंजारे ने कहा कि, ‘इंटरनेट मीडिया पर किरनापुर में लाठीचार्ज की जानकारी मिलने के बाद मैं किरनापुर गया था। जब मैं वहां पहुंचा, तब उपद्रव खत्म हो चुका था। मैं अपने लोगों के साथ सभा स्थल गया और अपनी गाड़ी में बैठकर भाषण सुन रहा था।
फिर मैंने भी मंच पर अपनी बात रखी थी। मैं किरनापुर थाना गया और एक मिनट में ही लौट गया। न मैंने रैली का नेतृत्व किया और प्रदर्शन में शामिल हुआ। पुलिस चाहे तो मर्री टोल नाका सहित अन्य जगह के सीसीटीवी कैमरे देख ले, पता चल जाएगा कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ। पीड़िता का पति उस दिन कांग्रेस नेता जीतू पटवारी के कार्यक्रम में बालाघाट शहर में था।
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शराब बांटकर उपद्रव कराने के एंगल से भी जांच
किरनापुर में पुलिस पर पथराव, गाली-गलौच, मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर कानून व्यवस्था बिगाड़ने के मामले में पुलिस उपद्रव के सुनियोजित होने के एंगल से भी जांच कर रही है।
जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर कहा जा रहा है कि शराब और पैसे बांटकर भीड़ जुटाई गई थी।
पद्रव के बाद भी शराब बांटी गई थी। प्रदर्शन को बिगाड़ने के लिए षडयंत्र रचा गया था। पुलिस शराब ठेकेदार सहित शराब दुकान के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है।
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