
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। वारासिवनी थाना क्षेत्र में 14 जुलाई को ग्राम कोपे और डोंगरिया के बीच जंगल में मिले 40 वर्षीय राजेंद्र शरणागत के शव की गुत्थी पुलिस ने 72 घंटे के भीतर सुलझा ली। जांच में सामने आया कि राजेंद्र की हत्या उसके ही ससुर राजेश चौहान उर्फ बाबा (62) निवासी जैरामटोला और उसके साथी प्रभुदायल बिसेन (44) निवासी बीड़ी कॉलोनी, अमृतनगर वारासिवनी ने मिलकर की थी।
रविवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी आदित्य मिश्रा ने मामले की जानकारी दी। घटना का विस्तृत विवरण कटंगी एसडीओपी विवेक सिंह ने साझा किया।
पुलिस जांच के अनुसार हत्या के पीछे लगभग एक लाख रुपये का लेनदेन और मृतक द्वारा शराब के नशे में अपनी पत्नी के साथ लगातार मारपीट करना मुख्य वजह रहा। बताया गया कि राजेंद्र अक्सर शराब पीकर परिवार में विवाद करता था। उसकी पत्नी अपने साथ होने वाली मारपीट की जानकारी पिता राजेश चौहान को देती थी, जिससे वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था।
एसडीओपी विवेक सिंह ने बताया कि घटना वाले दिन राजेश चौहान और उसका दोस्त प्रभुदायल बिसेन राजेंद्र को पहले शराब पिलाने के बहाने एक ढाबे पर ले गए। इसके बाद तीनों ग्राम कोपे और डोंगरिया के बीच जंगल पहुंचे, जहां फिर शराब पी गई। इसी दौरान जमीन बेचने के बाद मिले पैसों के लेनदेन और बेटी के साथ मारपीट को लेकर विवाद बढ़ गया। गुस्से में आकर दोनों आरोपितों ने गमछे से राजेंद्र का गला घोंट दिया और बाइक से मौके से फरार हो गए।
घटनास्थल का निरीक्षण फारेंसिक और फिंगरप्रिंट टीम की सहायता से किया गया। रिश्तेदारों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपितों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान राजेश चौहान और प्रभुदायल बिसेन ने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक राजेंद्र शराब का आदी था। नशे की वजह से उसने अपनी 30 डिस्मिल कृषि भूमि बेच दी थी, जिससे उसे करीब 20 लाख रुपये मिले थे। आरोप है कि उसने अधिकांश रकम शराब पर खर्च कर दी थी। करीब एक लाख रुपये उसने अपने ससुर राजेश चौहान को दिए थे, जिन्हें वह लगातार वापस मांग रहा था। इसी आर्थिक विवाद और पारिवारिक तनाव ने आखिरकार इस हत्याकांड का रूप ले लिया।