
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। मध्य प्रदेश में एथेनॉल के नाम पर हुए करोड़ों के फोर्टिफाइड चावल घोटाले में एसआईटी ने गुरुवार देर रात पूर्व मंत्री और वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे के भतीजे अविनाश कावरे और गोपाल ठाकुर को गिरफ्तार किया है।
अविनाश उस हर्ष राइस इंडस्ट्री का 20 प्रतिशत का साझेदार है, जहां चावल की हेराफेरी पकड़ी गई थी। गोपाल ठाकुर भी 10 प्रतिशत का साझेदार है और रामकिशोर कावरे का बेहद खास है। एसआईटी ने मिल के साझेदार विनोद शर्मा को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
गौरतलब है कि एसआईटी पर आरोप लग रहे थे कि वह भाजपा नेताओं के दबाव में है। वजह यह कि एसआईटी अविनाश से तीन बार पूछताछ कर छोड़ चुकी थी। इसको लेकर राजनीति गरमाने लगी थी। शुक्रवार को अविनाश और गोपाल को वारासिवनी न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने पूछताछ के लिए तीन दिनों की पुलिस रिमांड दी है।
सूत्रों के अनुसार, अविनाश और पूर्व में गिरफ्तार विनोद शर्मा एथेनॉल प्लांट प्रबंधन से साठगांठ कर सरकारी फोर्टिफाइड चावल की हेराफेरी कर रहे थे। इसके साक्ष्य एसआईटी को सीसीटीवी फुटेज, आरोपितों के बयानों से पहले ही मिल चुके हैं। हर्ष राइस मिल के मैनेजर (मुनीम) को भी एसआईटी जल्द जांच के दायरे में लेगी। फिलहाल, मैनेजर का नाम सामने नहीं आया है।
सूत्रों के अनुसार, संदिग्ध और आरोपित राइस मिल संचालकों से एसआईटी लगातार दस्तावेज, चावल की खाली बोरियां, वित्तीय लेनदेन संबंधी कागजात संकलित कर रही है। दस्तावेजों का संकलन अब अंतिम दौर पर पहुंच चुका है।
गौरतलब है कि पूर्व मंत्री के भाई कुमार कावरे की हर्ष राइस इंडस्ट्री में एसआईटी ने 28 जुलाई को 100 से अधिक खाली बोरे और चार ट्रकों को जब्त किया था। शुरुआती दिनों में ही जांच अधिकारियों को हर्ष राइस मिल में चावल उतारते हुए फुटेज मिल चुके थे।
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अविनाश की गिरफ्तारी के बाद अब पूर्व मंत्री के भाई कुमार कावरे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसे लेकर कांग्रेस हमलावर है। कांग्रेसियों ने भाजपा पर पूर्व मंत्री के भाई-भतीजे के खिलाफ एसआईटी की कार्रवाई को प्रभावित करने और जांच अधिकारियों पर दबाव डालने का आरोप लगाया था। एक दिन बाद ही एसआईटी ने अविनाश और गोपाल को गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों का कहना है कि कुमार कावरे पर भी जल्द कार्रवाई की गाज गिर सकती है। कुमार कावरे भी चावल हेराफेरी में संदिग्ध है। बता दें कि इस मामले में अब तक 14 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि चार फरार हैं।