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आठ महीने का मानदेय दिलाने के नाम पर मांगी घूस, इंदौर लोकायुक्त ने 5 हजार रुपये लेते बिचौलिए को रंगे हाथ पकड़ा

इंदौर लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते एक बिचौलिए को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

By Yuvraj GuptaEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 02 Jun 2026 08:02:33 PM (IST)Updated Date: Tue, 02 Jun 2026 08:02:33 PM (IST)
आठ महीने का मानदेय दिलाने के नाम पर मांगी घूस, इंदौर लोकायुक्त ने 5 हजार रुपये लेते बिचौलिए को रंगे हाथ पकड़ा
रिश्वत प्रकरण में पकड़ा गया आरोपित।

HighLights

  1. बड़वानी लोकायुक्त का भ्रष्टाचार पर बड़ा एक्शन
  2. भृत्य के कहने पर चाय वाले ने थामी ₹5,000 की घूस
  3. लोकायुक्त ने कूट घेराबंदी कर बिचौलिए को दबोचा

नईदुनिया प्रतिनिधि, बड़वानी। महिला एवं बाल विकास विभाग में मानदेय जारी करने के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। इंदौर लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते एक बिचौलिए को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मामले में विभाग के परियोजना अधिकारी और एक भृत्य के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

आंगनबाड़ी सहायिका से मांगी थी 20 हजार की रिश्वत

लोकायुक्त से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम संगोदा बेडीपुरा निवासी उर्मिला सोलंकी, जो आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत हैं, को नियुक्ति के लगभग आठ माह बाद भी मानदेय प्राप्त नहीं हुआ था। आरोप है कि मानदेय की राशि जारी करवाने के एवज में महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना ठीकरी के परियोजना अधिकारी धन्नालाल दांगी तथा भृत्य दिनेश खतवासे ने आपसी मिलीभगत से 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।


सोलंकी ने इसकी शिकायत इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में की। शिकायत के सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन में ट्रैप दल का गठन किया गया।

भृत्य के कहने पर चाय दुकान संचालक ने ली रिश्वत

लोकायुक्त की योजना के अनुसार मंगलवार को आवेदिका रिश्वत की राशि लेकर पहुंची। आरोप है कि भृत्य दिनेश खतवासे के कहने पर राजेश पाटीदार, जो चाय की दुकान संचालित करता है, ने 5 हजार रुपए की रिश्वत राशि प्राप्त की। इसी दौरान लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई

लोकायुक्त ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 61(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।

लोकायुक्त ट्रैप टीम के सदस्य

इस कार्रवाई में कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक आनंद चौहान, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रणजीत द्विवेदी, आरक्षक विजय कुमार, आशीष नायडू, पवन पटोरिया, कमलेश परिहार, मनीष माथुर एवं प्रभात मोरे शामिल रहे।