
नईदुनिया प्रतिनिधि, बड़वानी। जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में दो दिन पूर्व इंदिरा सागर नहर में मिले सात वर्षीय बालिका के शव मामले में पुलिस ने महज 48 घंटे में राजफाश किया। इस मामले में रिश्तों को तार-तार करने वाला बालिका का सौतेला काका (बाल अपचारी) ही दुष्कर्म व हत्या का आरोपित निकला। वरिष्ठ एसपी जगदीश डावर ने बुधवार दोपहर जिला मुख्यालय एसपी कार्यालय पर इस मामले का राजफाश किया।
इस मामले में विशेष पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश व मार्गदर्शन में मुखबिर तंत्र, तकनीकी, वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर विवेचना की। एसपी डावर ने बताया कि उक्त मामले में विवेचना के दौरान मृतिका के स्वजनों और साक्षियों के कथनों से बालिका के काका पर संदेह पाया गया।
इस पर उसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपित की सौतेली माता का पुत्र तीन-चार दिन पूर्व कार्य के लिए इंदौर गया हुआ था। 25 जनवरी की रात्रि 8 बजे उसके पिता खेत पर सिंचाई के लिए गए थे। वहीं परिवार के अन्य सदस्य भोजन उपरांत सो गए थे।
वहीं इस दौरान आरोपी बाल अपचारी द्वारा सो रही सौतेली मां के पुत्र की सात वर्षीय लडक़ी को उठाकर घर के पीछे नहर के समीप ले गया और उसके साथ लैंगिक अपराध किया। जिससे बालिका को गंभीर शारीरिक चोटें हुई। बालिका के रोने-चिल्लाने पर आरोपित ने उसे जान से मारने की नीयत से नहर के पानी में फेंक दिया।
इससे बालिका की डूबने व दम घुटने से मौत हो गई। पुलिस द्वारा आरोपित को किशोर न्यायालय में पेश किया। कार्रवाई में राजपुर थाना प्रभारी विक्रमसिंह बामनिया, उप निरीक्षक कविता कनेश, उप निरीक्षक छगनसिंह चौहान, गजेंद्रसिंह ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक राकेश सागौरे, प्रधान आरक्षक बाबुलाल निगोले आदि का सहयोग रहा।
पुलिस ने बताया कि 26 जनवरी को ग्रामीणों की सूचना पर मृतिका बालिका का शव इंदिरा सागर नहर ग्राम मुंडला क्षेत्र से प्राप्त हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सक द्वारा मृतिका के गुप्तांग में चोट और पानी में डूबने तथा दम घुटने से मृत्यु होना लेख किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार प्रथम दृष्टया गंभीर अपराध घटित होना पाए जाने पर अज्ञात आरोपित के विरुद्ध राजपुर थाने पर विविध धाराओं सहित बाल लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया।