
नईदुनिया प्रतिनिधि, बड़वानी। बड़वानी जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में सामने आए एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड का पुलिस ने मात्र 48 घंटे के भीतर सनसनीखेज पर्दाफाश कर दिया। जिस घटना को आरोपित पति ने 'चूहों द्वारा एसिड गिरने' की दुर्घटना बताकर लोगों, स्वजनों और मीडिया को गुमराह करने की कोशिश की थी, वह दरअसल चरित्र शंका में रची गई एक सोची-समझी और निर्मम हत्या निकली। राजपुर पुलिस ने आरोपित पति विजय चौहान (31) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित ने पूछताछ में अपना अपराध कबूल करते हुए हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया।
29 मई को जिला अस्पताल बड़वानी से सालखेड़ा मोहनपुरा निवासी पिंकी (24) की एसिड से झुलसने के कारण मौत होने की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मृतका के शरीर और सिर पर गंभीर चोटों के निशान मिले। घटनास्थल के निरीक्षण और स्वजनों के बयानों ने भी संदेह पैदा किया। जांच आगे बढ़ी तो मामला दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या का निकला। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपित विजय चौहान अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। इसी शंका के चलते उसने 28 मई की रात करीब 3.30 बजे पत्नी की हत्या की योजना बनाई। जब पिंकी गहरी नींद में थी, तब आरोपित ने ड्रिप साफ करने वाला तेजाब (एसिड) एक प्लास्टिक मग्गे में निकाला और हाथों में दस्ताने पहनकर पत्नी पर उंडेल दिया। एसिड के छींटे पास में सो रहे मासूम बच्चों पर भी पड़े, जिससे वे भी झुलस गए।
एसिड से झुलसने के बाद पिंकी दर्द से तड़पते हुए जान बचाने के लिए भागी। लेकिन आरोपी का गुस्सा यहीं नहीं थमा। उसने लोहे की रॉड उठाकर पत्नी पर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार आरोपित ने बेरहमी से मारपीट की और कैंची से उसकी चोटी तक काट दी। गंभीर रूप से घायल महिला को बाद में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
वारदात के बाद आरोपित ने खुद को बचाने के लिए पूरी कहानी गढ़ डाली। उसने लोगों को बताया कि घर में रखी एसिड की बोतल चूहों द्वारा गिरा दी गई थी, जिससे पत्नी और बच्चे झुलस गए। आरोपी ने अस्पताल पहुंचाने का दिखावा भी किया, लेकिन बाद में वहां से फरार हो गया। हालांकि पुलिस को उसकी कहानी पर शुरू से ही संदेह था। वैज्ञानिक, तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने जल्द ही सच्चाई सामने ला दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने आरोपित की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी आयुष कुमार अलावा एवं थाना प्रभारी माधवसिंह ठाकुर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपित मोहनपुरा इंद्रपुर स्थित अपने घर में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।
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आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सामग्री जब्त की है, जिनमें लोहे की रॉड, प्लास्टिक का मग्गा, हाथ के दस्ताने, कैंची, घटना के समय पहने गए कपड़े शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि मामले को केवल दुर्घटना मानकर छोड़ दिया जाता तो यह जघन्य अपराध कभी सामने नहीं आ पाता। तकनीकी जांच, घटनास्थल निरीक्षण और गहन पूछताछ के चलते हत्या की पूरी साजिश उजागर हो सकी।