
नईदुनिया प्रतिनिधि, बैतूल। सोशल मीडिया से शुरू हुई प्रेम कहानी आखिरकार विवाह के पवित्र बंधन में बदल गई। उत्तराखंड की 19 वर्षीय युवती राधिका उर्फ रिमझिम और पाढर के चोबराढाना निवासी सागर बामने का विवाह सोमवार को दोनों परिवारों की मौजूदगी में सामाजिक रीति-रिवाज से संपन्न हो गया। विवाह के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा।
राधिका और सागर की पहचान लगभग पांच माह पूर्व इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। इसके बाद राधिका ने सागर को हरिद्वार बुलाया, जहां से वह उसे लेकर बैतूल आया और 11 मई को आर्य समाज मंदिर में विवाह कर लिया था।
राधिका के घर से चले जाने के बाद उसके स्वजन ने बिजनौर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और उसे नाबालिग बताया। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस बैतूल पहुंची और दोनों को अपने साथ ले गई।
राधिका ने अपनी उम्र 19 वर्ष बताते हुए शैक्षणिक दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिससे उसे न्यायालय ने बालिग मानते हुए सागर के साथ रहने के लिए स्वतंत्र कर दिया। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद दोनों बैतूल लौट आए। इस बीच दोनों परिवारों ने भी रिश्ते को स्वीकार कर लिया।
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सोमवार को सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार दोनों का विवाह संपन्न हुआ। विवाह समारोह में सबसे भावुक क्षण तब आया जब राधिका के पिता बबलू भारद्वाज और चाचा नीतू कुमार भारद्वाज स्वयं उत्तराखंड से बैतूल पहुंचे और अपनी बेटी का कन्यादान किया। इस दौरान दोनों परिवारों की उपस्थिति में पारंपरिक रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ।