
आमला। तहसील क्षेत्र के ग्राम अंबाड़ा में खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम अम्बाडा में स्थित स्टोन क्रशर एवं आसपास के क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और परिवहन का मामला उजागर हुआ।
इसके बाद प्रशासन ने एक क्रशर संचालक पर दो करोड़ 12 लाख 31 हजार रुपए का जुर्माना प्रस्तावित किया और दूसरे क्रशर संचालक के विरुद्ध मप्र गौण खनिज नियम 1996 के अंतर्गत गंभीर अनियमितताओं को लेकर अलग से कार्रवाई प्रस्तावित की गई।
संयुक्त टीम की जांच में पाया गया कि ग्राम अम्बाडा की निजी भूमि खसरा नंबर 413/2 (रकबा 0.607 हेक्टेयर) एवं खसरा नंबर 408 (रकबा 1.578 हेक्टेयर) के हिस्से में पोकलेन मशीन के माध्यम से खनिज बोल्डर/पत्थर का अवैध उत्खनन किया जा रहा था।
मौके से डम्पर क्रमांक एमपी 48 एच 0520 को अवैध परिवहन करते हुए जब्त किया गया।मशीन एवं डम्पर चालक से पूछताछ में सामने आया कि यह अवैध उत्खनन कार्य स्टोन क्रेशर संचालक उपेन्द्र उर्फ भूरू सूर्यवंशी द्वारा कराया जा रहा था। मौके पर मौजूद टीम ने उत्खनित क्षेत्र की माप की, जिसमें लगभग 14,154 घन मीटर खनिज का अवैध उत्खनन पाया गया।
कार्रवाई के तहत संबंधित पोकलेन मशीन एवं डंपर को जब्त कर पुलिस चौकी बोडखी, थाना आमला की अभिरक्षा में खड़ा कराया गया। इसी क्षेत्र में संचालित मास्टर स्टोन क्रेशर के संचालक देवधर इंगले के खदान पट्टे की जांच में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच के दौरान ब्लास्टिंग से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, साथ ही पर्यावरण एवं खनिज नियमों का पालन भी नहीं पाया गया।
प्रशासन ने अवैध उत्खनन के मामले में उपेन्द्र उर्फ भूरू सूर्यवंशी के विरुद्ध मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत 2 करोड़ 12 लाख 31 हजार रुपये का जुर्माना प्रस्तावित किया है। यह प्रकरण न्यायालय अपर कलेक्टर बैतूल में प्रस्तुत किया जा रहा है।
साथ ही, मास्टर स्टोन क्रेशर संचालक देवधर इंगले के विरुद्ध मप्र गौण खनिज नियम 1996 के अंतर्गत गंभीर अनियमितताओं को लेकर अलग से कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।