
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुलताई। जिले में दो दिन से मौसम में बदलाव आया हुआ है। आसमान पर काले बादलों की आवाजाही हो रही है। गुरुवार शाम को अचानक मुलताई क्षेत्र में मौसम ने करवट ली और तेज वर्षा के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। करीब 10 मिनट तक मटर के आकार के ओले गिरने से रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। खेतों में पककर तैयार खड़ी फसल पर इस बेमौसम वर्षा और ओलावृष्टि का सीधा असर पड़ने की संभावना है, जिससे किसान खासे परेशान नजर आ रहे हैं।
दोपहर लगभग डेढ़ बजे अचानक आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते झमाझम वर्षा शुरू हो गई। कुछ ही देर बाद तेज गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होने लगी। मुलताई नगर के साथ-साथ गोपालतलाई, नरखेड़ और प्रभात पट्टन क्षेत्रों में भी वर्षा और ओले गिरने की सूचना है। गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका: किसान संदीप पवार ने बताया कि इस समय खेतों में गेहूं की फसल पूरी तरह पककर तैयार है और कटाई का दौर शुरू होने वाला है। ऐसे में ओलावृष्टि और तेज वर्षा से बालियों के टूट जाने और पानी लगने से दाने की चमक खत्म होने का खतरा बढ़ गया है।
किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह मौसम बना रहा तो उत्पादन पर बड़ा असर पड़ सकता है। कई किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। वर्षा का असर धार्मिक आयोजनों पर भी देखने को मिला। मुलताई के बस स्टैंड क्षेत्र में रामनवमी को लेकर की जा रही सजावट तेज वर्षा में प्रभावित हो गई। दुर्गा मंदिर से लेकर मुख्य मार्गों तक लगाए गए भगवा कपड़े भीगकर नीचे गिर गए। कुछ स्थानों पर कपड़े बिजली के तारों से टकरा गए, जिससे तेज आवाज के साथ करीब 10 मिनट तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बाद में बिजली विभाग ने सप्लाई बहाल की।
गुरुवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार में अचानक आई वर्षा और ओलावृष्टि से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेज हवा के चलते दुकानदारों के टेंट और पाल उड़ गए, वहीं खुले में रखी सामग्री भीग गई। बाजार में मौजूद लोगों ने वर्षा से बचने के लिए इधर-उधर भागकर शरण ली। किसान और व्यापारी भीगते हुए अपने सामान को बचाने में जुटे रहे। वर्षा के कारण बाजार स्थल पर कीचड़ फैल गया, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मुलताई क्षेत्र में पिछले दो दिनों से मौसम में बदलाव देखा जा रहा था। बुधवार को पूरे दिन बादल छाए रहे और धूप हल्की रही, हालांकि वर्षा नहीं हुई। गुरुवार सुबह से ही नमी और हवाओं का असर बना रहा। दोपहर बाद अचानक मौसम बिगड़ा और पहले बूंदाबांदी, फिर तेज वर्षा और ओलावृष्टि शुरू हो गई। अचानक हुए इस मौसम परिवर्तन ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कृषि विज्ञानी विजय वर्मा ने बताया कि फसल पकने की अवस्था में वर्षा और ओले खासे नुकसानदायक होते हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि यदि फसल की कटाई कर ली है तो उसे खलिहान में सुरक्षित रखें और मौसम खुलने तक फसल की कटाई न करें।
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