
नईदुनिया प्रतिनिधि, बैतूल। अंधेरबावड़ी गांव में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गंभीर होता जा रहा है। हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीणों को पानी के लिए कुएं में उतरकर बाल्टियों से पानी निकालना पड़ रहा है।
खासतौर पर भैंसदेही और भीमपुर विकासखंड के कई गांवों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के बावजूद कई गांवों में लोगों को पीने के पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। भैंसदेही विकासखंड की ग्राम पंचायत अंधेरबावड़ी में स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि ग्रामीणों को अपनी प्यास बुझाने के लिए कुएं में उतरकर पानी निकालना पड़ रहा है।
भैंसदेही विकासखंड की ग्राम पंचायत अंधेरबावड़ी में तीन सौ घरों की आबादी एकमात्र पंचायत कुएं पर निर्भर हो गई है। गांव के तीन हैंडपंप बंद पड़े हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले के ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहराने लगा है।
जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित अंधेरबावड़ी गांव में ग्रामीणों का अधिकांश समय अब पानी की व्यवस्था में ही बीत रहा है। भीषण गर्मी और 42 डिग्री तापमान के बीच पानी के लिए घंटों मशक्कत कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार कुएं में रातभर में थोड़ा-बहुत पानी जमा होता है। सुबह होते ही महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे पानी भरने के लिए लाइन में लग जाते हैं। कई बार पानी को लेकर विवाद और झगड़े की स्थिति भी बन रही है।मजदूरी और रोजमर्रा के काम छोड़कर लोग दिन-रात पानी की व्यवस्था में लगे हैं।
यह भी पढ़ें- Indore News: चिंता की बात, गर्मी की आमद से पहले ही कम होने लगा तालाबों का जलस्तर
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई बोरवेल सूख चुके हैं और जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई व्यवस्थाएं भी प्रभावी साबित नहीं हो रही हैं। हालात ऐसे हैं कि कई परिवारों को अपनी जरूरत का पानी पाने के लिए कुएं के भीतर उतरना पड़ रहा है।
गांव की महिलाओं जासू शैलूकर, उर्मिलाबाई और श्यामा अखंडे सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन बाद में गांव की समस्याओं को भूल जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गर्मियों में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांव में टैंकर से पानी पहुंचाने, खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराने और जल जीवन मिशन के कार्यों की जांच की मांग की है।
हाल ही में जिला पंचायत बैठक में भी जनप्रतिनिधियों ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
पाइपलाइन विस्तार का प्रस्ताव पंचायत की ओर से भेजा गया है। निरीक्षण कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।- निखिल जैन, सहायक यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग।