
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। शहर के भारौली रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में आयोजित शादी समारोह उस समय हंगामे में बदल गया, जब एमपी सरकार में पूर्व राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त और बीज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. राजकुमार कुशवाहा को बकायादारों ने घेर लिया। करीब चार घंटे तक चले इस घटनाक्रम में लोगों ने उनसे अपने बकाया पैसे लौटाने की मांग की। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार 27 अप्रैल की रात करीब 9 बजे डॉ. कुशवाहा शादी समारोह में पहुंचे थे। उनके कार्यक्रम में आने की जानकारी पहले से ही कार्ड के माध्यम से क्षेत्र में फैल चुकी थी। इसी दौरान शहर और आसपास के गांवों से दो दर्जन से अधिक महिला-पुरुष वहां पहुंच गए और उन्होंने नेता को घेर लिया।
बकायादारों का आरोप था कि वे लंबे समय से अपनी रकम वापस लेने के लिए संपर्क कर रहे थे, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो पा रही थी। जैसे ही वे समारोह में पहुंचे, लोगों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया और पैसा लौटाने की मांग पर अड़ गए। पहले तो डॉ. कुशवाहा ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ का आक्रोश बढ़ता गया।
करीब रात 12 बजे के बाद जब वे कार्यक्रम से निकलने लगे तो लोगों ने उन्हें जाने नहीं दिया। खुद को घिरा देख उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम और देहात थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन बकायादार पुलिस के सामने भी अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए डॉ. कुशवाहा को थाने ले जाना उचित समझा।
भाजपा नेता भिंड शहर के सीता नगर के रहने वाले हैं। इनका प्रापर्टी का काम था, प्लाट और जमीन देने के नाम पर इन्होंने कई लोगों से रुपये लिए थे। इसके बाद इन्होंने न तो प्लाट की रजिस्ट्री की थी। राज्यमंत्री का दर्जा मिलने के बाद यह ग्वालियर रहने लगे। इसे में शहर सहित आसपास लाेगों ने करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपये हैं। यह भिंड भी नहीं आते थे। ऐसे में बीती रात जब यह एक शादी में भिंड आए तो लोगों को पता चल गया और समारोह में इन्हें घेर लिया और रुपये वापस मांगने लगे।
एक प्लाट देने के लिए भतीजे भोले ने पांच लाख रुपये लिए थे। इसी सिलसिले में एक महिला आई और रुपये मांगने लगी। शादी में भीड़भाड़ होने से वहां भी लोग जमा हो गए। इसके बाद हम थाने पहुंचे और महिला को बताया कि भोले की मां की तबीयत खराब है। महिला को आश्वासन दिया है, कि तीन महीने में उसके रुपये वापस कर देंगे।
राजकुमार कुश्वाहा, उपाध्यक्ष पूर्व बीज निगम व राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त
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बकायादार भी उनके पीछे-पीछे थाने पहुंच गए। वहां पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई गई। वहीं इस पूरे मामले में डॉ. कुशवाहा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
लेन-देन के विवाद में कुछ लोगों ने डॉ. राजकुमार कुशवाहा को घेर लिया था। उन्हें सुरक्षित थाने लाया गया, जहां समझौते के बाद उन्होंने 10 मई तक बकाया राशि लौटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हो गया।- मुकेश शाक्य, टीआइ थाना देहात