दबोह के निजी स्कूलों में नियमों की अनदेखी, क्षमता से अधिक छात्रों को ढो रहे वाहन
दबोह में संचालित होने वाले प्राइवेट स्कूल शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों का पालन न करके नियम विरुद्ध तरीके से संचालित हो रहे हैं। निजी स्कूल के संचालक ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 04 Jan 2026 09:54:19 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Jan 2026 09:54:19 PM (IST)
दबोह के निजी स्कूलों में नियमों की अनदेखी नईदुनिया प्रतिनिधि, दबोह। दबोह में संचालित होने वाले प्राइवेट स्कूल शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों का पालन न करके नियम विरुद्ध तरीके से संचालित हो रहे हैं। निजी स्कूल के संचालक मनमर्जी से अपनी संस्था का संचालन कर रहे हैं। इस संबंध में अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इतना ही नहीं, नियमों की अनदेखी कर निजी स्कूलों का नवीनीकरण भी किया जा रहा है।
किराए के भवनों और तंग कमरों में चल रही कक्षाएं
नगर में करीब 20 से अधिक प्राइवेट स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें से अधिकांश स्कूलों के पास खुद के भवन तक नहीं हैं। ये स्कूल किराए के भवनों में या किराए की शटरों में चल रहे हैं। इन भवनों में छात्रों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और छोटे-छोटे कमरों में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जहाँ पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था भी नहीं है। इसी तरह अधिकांश स्कूलों में खेलकूद के लिए मैदान नहीं है। कुछ स्कूल तो निजी मकानों के दो-दो कमरों में चल रहे हैं, जबकि उनके पास 10वीं से 12वीं तक की मान्यता है।
बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा मानकों का अभाव
कई संचालित स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग टॉयलेट की व्यवस्था नहीं है। इन स्कूलों में छात्रों के लिए लाइब्रेरी तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। क्षेत्र के अधिकतर स्कूलों के पास अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) भी नहीं हैं। नियमों के अनुसार, यदि कोई संस्था निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं करती है, तो उसकी मान्यता समाप्त करने के सख्त निर्देश हैं, लेकिन स्थानीय शिक्षा एवं विकासखंड अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मान्यता के लिए क्या हैं अनिवार्य नियम?
स्कूलों के संचालन के लिए पर्याप्त अध्ययन कक्ष, प्रशिक्षित शिक्षक, और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय अनिवार्य हैं। इसके बिना स्कूल को मान्यता नहीं मिलनी चाहिए। साथ ही बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल, खेल मैदान, खेल सामग्री, पर्याप्त शैक्षणिक सामग्री, लाइब्रेरी और उच्च कक्षाओं के लिए प्रयोगशाला का होना भी आवश्यक है।