नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए 50 अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक विकसित कर रही है। ये ब्लॉक 37 जिला अस्पतालों और 13 मेडिकल कॉलेजों में बनाए जा रहे हैं।
इनमें से 8 यूनिटों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब उनमें आवश्यक चिकित्सा उपकरण स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
काेविड महामारी से लिया सबक
कोविड-19 महामारी के दौरान गंभीर मरीजों के उपचार और संक्रमण नियंत्रण की चुनौतियों को देखते हुए पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत यह पहल की गई है।
नए क्रिटिकल केयर ब्लॉक अस्पताल परिसरों में अलग और सुरक्षित स्थानों पर विकसित किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी महामारी या संक्रामक बीमारी की स्थिति में मरीजों को पृथक रखकर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पहले चरण में 1100 से अधिक आधुनिक जीवन रक्षक उपकरण खरीदे जाएंगे, जिन पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
आधुनिक सुविधाओं से होंगे लैस
इन क्रिटिकल केयर ब्लॉकों में सेंट्रलाइज्ड एसी, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और सेंट्रल ऑक्सीजन गैस पाइपलाइन जैसी सुविधाएं होंगी। इसके लिए 849 मल्टीपैरा मॉनिटर, 213 डेफिब्रिलेटर, 36 सेंट्रल नर्सिंग सिस्टम और 36 बायपैप मशीनें स्थापित की जाएंगी।
एक ही स्थान से होगी मरीजों की मॉनीटरिंग
सेंट्रल नर्सिंग सिस्टम के माध्यम से नर्सिंग स्टाफ एक ही स्थान से आईसीयू में भर्ती सभी मरीजों की निगरानी कर सकेगा। इससे आपात स्थिति में तत्काल इलाज सुनिश्चित होगा। ब्लॉकों में ट्रॉमा यूनिट, अत्याधुनिक लेबर डिलीवरी रूम (एलडीआर) और गंभीर मरीजों के लिए विशेष उपचार सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।