
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण प्रभावित हुई एलपीजी आपूर्ति के बाद घरेलू सिलिंडर की किल्लत ने बड़ा रूप ले लिया है। हालात यह हैं कि उपभोक्ता ऑनलाइन नंबरों पर कई बार प्रयास कर रहे हैं तब जाकर बुकिंग हो रही है लेकिन सिलिंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहा है। ऐसे में घबराए उपभोक्ता गैस एजेंसी व गोदाम पर सिलिंडर लेने के लिए चक्कर लगा रहे हैं, हालांकि गुरुवार को बुकिंग सर्वर शाम तक पटरी पर आना शुरू हो गया है लेकिन एक बार में बुकिंग नहीं हो पा रही है।
वहीं उपभोक्ताओं की बढ़ती भीड़ के चलते एजेंसी संचालकों ने खुले मैदान में ट्रक से सीधे सिलिंडरों का वितरण शुरू कर दिया है। इसी बीच घरेलू सिलिंडर की कालाबाजारी और छोटे सिलिंडरों में रिफिलिंग कर मनमर्जी के दामों में बेचे जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार घरेलू गैस सिलिंडर के साढ़े पांच लाख और व्यावसायिक सिलिंडर के 30 से 40 हजार उपभोक्ता हैं। घबराए उपभोक्ताओं ने एक दिन में एक लाख तक बुकिंग कर दी थी, जिससे इंडेन, भारत, एचपी का सर्वर पूरी तरह से ठप हो गया था। इसका असर गुरुवार को देखने को मिला। गैस सिलिंडर की आम दिन में जहां करीब 10 से 15 हजार आपूर्ति होती थी, लेकिन गुरुवार को 50 हजार से अधिक आपूर्ति की गई।
गोविंदपुरा के भेल पुराने आवास क्षेत्र में गुरुवार को इंडेन व भारत के घरेलू सिलिंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही। उपभोक्ताओं ने बताया कि कई बार प्रयास करने के बाद भी बुकिंग नहीं हो रही थी तो बुधवार को एजेंसी संचालकों ने कहा था कि गुरुवार को भेल के मैदान में सिलिंडर मिल जाएंगे। ऐसे में उपभोक्ता सुबह सात बजे से पहुंच गए और देर शाम सात बजे तक सिलिंडरों की आपूर्ति का क्रम जारी था।
शहर के लकड़ी के टालों में भी बीते दो-तीन दिनों से लकड़ियों की बिक्री बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि पहले की तुलना में करीब 25 प्रतिशत लकड़ियां ज्यादा बिक रही हैं। ऐसे में शासकीय और निजी टालों में भी लकड़ियों की आवक बढ़ाई जा रही है। शहर में लगभग तीन हजार से अधिक छोटे-बड़े होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट संचालित होते हैं। इनमें लकड़ी और कोयले से चलने वाली पारंपरिक भट्ठियों के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है।
बाजार में बिजली से चलने वाले चूल्हों और इंडक्शन कुकटाप की मांग अचानक बढ़ गई है। इलेक्ट्रानिक उपकरणों के व्यापारियों के अनुसार सामान्य दिनों में शहर में प्रतिदिन 80 से 100 इंडक्शन चूल्हे बिकते थे, लेकिन पिछले एक सप्ताह में यह संख्या बढ़कर 250 से 300 तक पहुंच गई है। मांग बढ़ने के कारण एक सामान्य इंडक्शन चूल्हा 1500 से 1800 रुपये में मिल जाता था, वहीं अब वही मॉडल 2000 से 2200 रुपये तक बिक रहा है।
जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि गांधीनगर के अर्जुन वॉर्ड में लईक मिया पिता शाहिद मियां ने घर में भरे व खाली कुल 17 घरेलू सिलिंडर रख रखे थे। वह इन सिलिंडर से पांच किलो के सिलिंडर में गैस रिफिलिंग कर 90 से 100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 450 से 500 रुपये में बेच रहा था। इसी तरह अशोकागार्डन में आशा गैस द्वारा भी अवैध रिफिलिंग की जा रही थी, दोनों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
एलीपीजी गैस आपूर्ति को लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से जानकारी ली।इस पर कलेक्टर ने बताया कि जिले में एलपीजी गैस की कहीं कोई कमी नहीं है पर्याप्त उपलब्धता है। उपभोक्ताओं को एक रिफिल प्राप्त करने के 25 दिन बाद नवीन रिफिल प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी। निगरानी के लिए दल किए गठित कलेक्टर ने बताया कि घरेलू प्रवर्ग की गैस के सुलभ वितरण को देखते हुए जांच दल गठित किए हैं, जिसमें एसडीएम, एसपी, सहायक व कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी शामिल हैं। यह दल गैस एजेंसियों की सतत निगरानी करेंगे और समय-समय पर घरेलू प्रवर्ग के गैस के अवैध अंतरण, व्यवसायिक उपयोग की जांच करते हुए दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।
कलेक्टर ने बताया कि आयल कंपनी द्वारा यह तय किया गया है कि वर्तमान में चिकित्सालय एवं शैक्षणिक संस्थाओं के अलावा किसी और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं (होटल, मॉल, बल्क एलपीजी का उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र, फैक्ट्री आदि) को व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति नहीं की जाएगी।
उपभोक्ताओं के गैस सिलिंडर से संबंधित शिकायतों के लिये आयल कंपनी ने टोल फ्री नंबर जारी किए हैं। भारत गैस हेल्पलाईन नंबर-1800-22-4344 इंडेन आयल गैस हेल्पलाईन नंबर-1800-2333-555 एचपी गैस हेल्पलाईन नंबर-1800-2333-555
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उपभोक्ताओं में सिलिंडर नहीं मिलने का डर बना हुआ है इस कारण एजेंसियों पर भीड़ नजर आ रही है जबकि घरेलू सिलिंडर की कमी नहीं है। बुजुर्ग उपभोक्ताओं को समझाया गया किकिस तरह मिस्ड काल कर बुकिंग कराई जा सकती है। विनू गिदवानी, एचपी डीलर।
व्यावसायिक सिलिंडरों की सीमित उपलब्धतता है। घरेलू सिलिंडर क्रम आने पर दिए जा रहे हैं। जिनको पिछला सिलिंडर 25 दिन पहले मिला था उन्हें बुकिंग करने के कुछ समय बाद ही सिलिंडर मिल रहा है- मनीष, इंडेन गैस डीलर।
खाना बनाने के लिए वैकल्पिक साधन उपयोग होने लगे हैं। कई होटलों ने डीजल भट्टियों के आर्डर दिए हैं।अब केवल जरूरी आइटम एवं अधिक मांग वाली सब्जियां ही बना रहे हैं- राजू चंचल, होटल व्यवसायी।
नीले सिलिंडर नहीं मिलने के कारण अब होटल एवं केटरिंग व्यवसाईयों ने डीजल भट्टियों पर खाना बनाना शुरू कर दिया है। कुछ होटलों पर मेन्यू छोटे कर दिया गए हैं। तेजकुलपाल सिंह पाली,अध्यक्ष,भोपाल होटल एंड रेस्त्रां व्यवसाई संघ।