कार में लिफ्ट ली, उल्टी आने का बहाना करके गाड़ी रुकवाई, आईफोन, घड़ी, नगदी लूटे, कोर्ट ने दी 5 साल की सजा
रास्ते में फंदा टोल नाके के आगे आरोपियों ने उल्टी आने का बहाना बनाकर कार रुकवाई। कार रुकते ही दोनों ने पिस्टल और चाकू दिखाकर रजनीश को धमकाया तथा उनका ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 22 Jun 2026 09:36:03 PM (IST)Updated Date: Mon, 22 Jun 2026 10:12:26 PM (IST)
भोपाल कोर्ट ने दिया फैसला।HighLights
- 15 नवंबर 2019 को वे अपनी कार से भोपाल से इंदौर जा रहे थे।
- लालघाटी स्थित बस स्टॉप पर वे पानी की बोतल लेने के लिए रुके।
- इंदौर निवासी शशिकांत पटेल और भोला कुमावत उनके पास पहुंचे।
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोजेक्ट हेड से पिस्टल और चाकू की नोक पर कार, मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान लूटने वाले दो आरोपितों को अदालत ने दोषी करार देते हुए 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास तथा जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश जयंत शर्मा की अदालत ने सोमवार को सुनाया। अतिरिक्त लोक अभियोजक अनिल शुक्ला ने बताया कि मामला कोहेफिजा थाना क्षेत्र का है। कोलार रोड निवासी रजनीश तिवारी इंदौर स्थित एसआरआर कंस्ट्रक्शन कंपनी में प्रोजेक्ट हेड के पद पर कार्यरत थे।
15 नवंबर 2019 को वे अपनी कार से भोपाल से इंदौर जा रहे थे। लालघाटी स्थित बस स्टॉप पर जब वे पानी की बोतल लेने के लिए रुके, तभी इंदौर निवासी शशिकांत पटेल और भोला कुमावत उनके पास पहुंचे। उन दोनों ने रजनीश से कहा कि उन्हें इंदौर जाना है, लेकिन बस में सीट नहीं मिल रही है।
साथ ही उन्होंने यह भी बहाना बनाया कि एक की पत्नी की डिलीवरी होने वाली है, इसलिए उन्हें तत्काल इंदौर पहुंचना जरूरी है। उनकी बातों पर विश्वास कर रजनीश ने दोनों को अपनी कार में बैठा लिया। रास्ते में फंदा टोल नाके के आगे आरोपियों ने उल्टी आने का बहाना बनाकर कार रुकवाई।
कार रुकते ही दोनों ने पिस्टल और चाकू दिखाकर रजनीश को धमकाया तथा उनका आईफोन, दो अन्य मोबाइल फोन, घड़ी और नकदी लूट ली। इसके बाद आरोपियों ने रजनीश की आंखों पर पट्टी बांध दी और हाथ-पैर बांधकर उन्हें कार की पिछली सीट पर डाल दिया।
आरोपी स्वयं कार चलाकर इंदौर ले गए और वहां सांवेर रोड स्थित जंगल क्षेत्र में रजनीश को एक पेड़ से बांधकर छोड़ दिया। इसके बाद वे उनकी कार लेकर फरार हो गए। मामले की पूरी सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी पाते हुए 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।