Bhopal में उपभोक्ता की गलती बताकर खारिज किया था वाहन चोरी का क्लेम, अब देना होगा हर्जाना
भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग क्रमांक-1 ने कंपनी को फटकार लगाते हुए बीमा दावे की राशि के साथ हर्जाना देने का भी आदेश दिया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 07 May 2026 06:15:54 PM (IST)Updated Date: Thu, 07 May 2026 06:16:24 PM (IST)
उपभोक्ता की गलती बताकर खारिज किया था वाहन चोरी का क्लेम (AI Generated Image)HighLights
- क्लेम रोकने पर कंपनी को ₹2 लाख देने का आदेश
- चाबी छोड़ना लापरवाही मानकर क्लेम नहीं रोक सकते
- आयोग ने मानसिक प्रताड़ना के लिए भी लगाया जुर्माना
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। वाहन चोरी होने के बाद बीमा दावे के भुगतान से इन्कार करना बीमा कंपनी को भारी पड़ा। भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग क्रमांक-1 ने कंपनी को फटकार लगाते हुए बीमा दावे की राशि के साथ हर्जाना देने का भी आदेश दिया है। कंपनी ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया था कि उपभोक्ता ने गाड़ी की चाबी लगी हुई छोड़ दी थी, चोरी में उसकी लापरवाही है।
लापरवाही का तर्क देकर कंपनी ने निरस्त किया था दावा
दरअसल करोंद निवासी मुसीफ अहमद ने श्रीराम फाइनेंस कंपनी की नीलामी में एक चार पहिया वाहन खरीदा था। उसे मूल चाबी उपलब्ध नहीं कराई गई थी, उसकी डुप्लिकेट चाबी मौजूद थी। मुसीफ अहमद ने दो लाख रुपये का बीमा करवाया था। कुछ समय बाद वाहन चोरी हो गया। उपभोक्ता ने कंपनी में बीमा राशि का दावा किया, लेकिन बीमा कंपनी ने यह दावा निरस्त कर दिया। उसका तर्क था कि वाहन को मात्र 54 हजार रुपये में खरीदा गया था, जबकि उसका बीमा दो लाख रुपये का कराया गया। कंपनी के अनुसार, वाहन में मूल चाबी छोड़कर उसे लावारिस हालत में खड़ा किया गया था, जिसके कारण चोरी हुई।
बीमा राशि के साथ हर्जाना देने के निर्देश
उपभोक्ता ने फरवरी 2021 में इफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। इसकी सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल और सदस्य डॉ. प्रतिभा पांडेय की बेंच ने कहा कि बीमा कंपनी उपभोक्ता के दावे को उचित आधार के बिना खारिज नहीं कर सकती। वाहन की मरम्मत और सुधार पर खर्च हुई राशि को देखते हुए उपभोक्ता बीमा राशि पाने का हकदार है। आयोग ने बीमा कंपनी को दो लाख रुपये बीमा राशि और आठ हजार रुपये मानसिक प्रताड़ना के लिए भुगतान करने का आदेश दिया है।
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