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भोपाल का हलालपुर क्षेत्र बारूद के ढेर पर, पटाखों की दुकानों से डर रहे लोग, कागजों तक सीमित शिफ्टिंग प्रोसेस

भोपाल के हलालपुर क्षेत्र में पटाखा दुकानें और गोदाम घनी आबादी के बीच संचालित हो रहे हैं। सोनी पटाखा सेंटर में लगी भीषण आग के बाद प्रशासन ने इन्हें शिफ...और पढ़ें

By Madanmohan malviyaEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Fri, 19 Jun 2026 09:14:22 AM (IST)Updated Date: Fri, 19 Jun 2026 09:25:03 AM (IST)
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भोपाल का हलालपुर क्षेत्र बारूद के ढेर पर, पटाखों की दुकानों से डर रहे लोग, कागजों तक सीमित शिफ्टिंग प्रोसेस
भोपाल का हलालपुर क्षेत्र में पटाखों की दुकानें और गोदाम हैं। (फोटो- नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. सोनी पटाखा सेंटर में आग से सुरक्षा सवाल उठे
  2. सात दुकानों को छोड़ बाकी के पास वैध लाइसेंस नहीं
  3. पांच गोदामों में भारी मात्रा में पटाखे मिले

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर के हलालपुर क्षेत्र में संचालित पटाखा दुकानें और गोदाम अब घनी आबादी के बीच आ चुके हैं, लेकिन इन्हें शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना वर्षों बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी है।

हाल ही में सोनी पटाखा सेंटर में लगी भीषण आग की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों, प्रशासनिक निगरानी और विस्फोटक सामग्री के भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके बावजूद पटाखा बाजार का संचालन पहले की तरह जारी है और हजारों लोगों की सुरक्षा खतरे में बनी हुई है।

आवासीय कॉलोनियों के लिए खतरा दुकानें

  • जानकारी के अनुसार हलालपुर स्थित पटाखा बाजार में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का भंडारण और विक्रय किया जाता है। समय के साथ आसपास आवासीय कॉलोनियों का विस्तार होने से यह क्षेत्र अब घनी आबादी वाले इलाके में तब्दील हो चुका है। ऐसे में किसी भी दुर्घटना का असर सिर्फ व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास रहने वाले हजारों परिवार इसकी चपेट में आ सकते हैं।

  • पटाखा बाजार को आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने का मुद्दा कई वर्षों से उठता रहा है। प्रशासनिक स्तर पर इसके लिए प्रस्ताव भी तैयार किए गए और वैकल्पिक स्थानों पर विचार किया गया, लेकिन कानूनी अड़चनों, भूमि आवंटन से जुड़े विवादों और विभागीय प्रक्रियाओं के कारण मामला आगे नहीं बढ़ सका। नतीजतन बाजार पुराने स्थान पर संचालित हो रहा है।
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    भीषण आग ने खोल दी थी सुरक्षा व्यवस्था की पोल

    • सोनी पटाखा सेंटर में लगी भीषण आग ने यह साबित कर दिया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर की चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है। आग लगने के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल रहा और एक बार फिर बाजार को शिफ्ट करने की मांग तेज हो गई है। हालांकि घटना के बाद प्रशासन ने जांच और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की बात कही है, लेकिन स्थायी समाधान अब भी दूर दिखाई दे रहा है।

  • अन्य कारोबारियों का कहना है कि विस्फोटक सामग्री के भंडारण और बिक्री के लिए आबादी से दूर पृथक क्षेत्र निर्धारित होना चाहिए। उनका मानना है कि शहरी विस्तार के बीच ऐसे कारोबार को जारी रखना जोखिमपूर्ण है और भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
  • दूसरी जगह शिफ्ट करेंगे दुकानें व गोदाम

    पटाखा दुकान व गोदाम को हलालपुर से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाना है, जिसको लेकर तैयारी की जा रही है। इससे पहले कारोबारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। रिपोर्ट में अनियमितताएं मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सुमित पांडे, अपर कलेक्टर

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    कारोबारियों को दिए नोटिस का कर रहे इंतजार

    • आग लगने के बाद प्रशासन ने पटाखा दुकानों की जांच की तो पता चला कि यहां पर सात दुकानों को छोड़ दिया जाए, तो बाकि अन्य के पास वैध लाइसेंस नहीं मिले हैं। इसके अलावा पांच पटाखा गोदामों में बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण पाया गया है, जो कि बड़े खतरे से कम नहीं हैं।
    • दुकानों का संचालन करने के आड़ में भी बड़ी गोदाम बना रखी हैं। इसके लिए प्रशासन ने सीमांकन तक करवाया है। जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंप दी है। अब प्रशासन कारोबारियों को दिए नोटिस के जवाब का इंतजार कर रहा है।