जल्द मेट्रो नेटवर्क से जुड़ेगा पुराना भोपाल, 24 मीटर जमीन के नीचे तेजी से बन रही सुरंग
भोपाल मेट्रो के भूमिगत कॉरिडोर निर्माण ने गति पकड़ ली है। दूसरी टीबीएम ने भी काम शुरू कर दिया है। 2028 तक करोंद चौराहे तक मेट्रो संचालन का लक्ष्य रखा ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 23 Jun 2026 10:25:28 AM (IST)Updated Date: Tue, 23 Jun 2026 10:32:17 AM (IST)
भोपाल मेट्रो के भूमिगत कॉरिडोर के निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ी। (नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- दूसरी टीबीएम ने भी सुरंग निर्माण कार्य शुरू किया।
- पहली मशीन अब तक 190 मीटर खुदाई पूरी कर चुकी।
- रेलवे स्टेशन से पातरा पुल तक बनेगी ट्विन टनल।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल मेट्रो के भूमिगत कॉरिडोर के निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। पुराने भोपाल को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के लिए जमीन के नीचे टनल बनाने का काम अब दोगुने तालमेल के साथ चल रहा है।
पहले चरण में भोपाल रेलवे स्टेशन से लेकर पतारा पुल तक 400 मीटर लंबी ट्विन टनल बनाई जा रही है। इसके लिए अब दूसरी टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ने भी खोदाई का काम शुरू कर दिया है।
मेट्रो प्रबंधन काम को लेकर बेहद सतर्क
- तकनीकी योजना के अनुसार जब पहली टीबीएम जमीन के नीचे 50 मीटर खोदाई कर आगे बढ़ गई, उसके ठीक बाद दूसरी टीबीएम से टनल बनाने का काम शुरू किया गया। महज 10 दिन पहले शुरू हुए इस काम में नई मशीन ने अब तक करीब 30 मीटर सुरंग तैयार कर ली है।
बीते 30 मार्च को 24 मीटर की गहराई में उतारी गई पहली टीबीएम अब तक 190 मीटर तक खोदाई पूरी कर चुकी है। चूंकि इस समय शहर में वर्षा का सीजन चल रहा है, इसलिए 24 मीटर की गहराई में हो रहे इस काम को लेकर मेट्रो प्रबंधन बेहद सतर्क है। ये भी पढ़ें- एक महीने पहले मायके गई थी पत्नी, उसे लेने पहुंचे तो इतना पीटा की देवर की हो गई मौत; बैतूल जिले की घटना
तीन महीने का और समय लगेगा
मिट्टी धंसने या पानी के रिसाव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए बेहद सावधानी से टनलिंग का काम आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण के इस टनल कार्य को पूरा होने में कम से कम तीन महीने का समय और लगेगा। इसके बाद भूमिगत कारिडोर के दूसरे चरण का काम शुरू किया जाएगा।
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करोंद तक चलेगी मेट्रो
पैकेज बीएच-04 के तहत आरेंज लाइन के इस भूमिगत कॉरिडोर की कुल लंबाई 3.39 किमी है, जो पातरा पुल से सिंधी कालोनी तक बनेगा। इसमें भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड के रूप में दो अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे। बता दें कि एम्स से सुभाष नगर तक के रूट पर मेट्रो पहले से ही चल रही है। शेष आठ स्टेशनों और ट्रैक का काम पूरा कर वर्ष 2028 तक करोंद चौराहे तक मेट्रो संचालन का लक्ष्य रखा है।