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खराब तबीयत के बावजूद पहले ही प्रयास में CA बनी भोपाल की मान्या अग्रवाल, पिता से मिला मार्गदर्शन

दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत व आत्मविश्वास के बल पर नेहरू नगर निवासी 21 वर्षीय सीए मान्या अग्रवाल ने पहले ही प्रयास में सीए फाइनल के दोनों ग्रुप 320 अंको...और पढ़ें

By naman MishraEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 18 Jun 2026 05:39:01 PM (IST)Updated Date: Thu, 18 Jun 2026 05:39:01 PM (IST)
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खराब तबीयत के बावजूद पहले ही प्रयास में CA बनी भोपाल की मान्या अग्रवाल, पिता से मिला मार्गदर्शन
CA बनी भोपाल की मान्या अग्रवाल

HighLights

  1. मान्या ने पहले प्रयास में 320 अंकों के साथ सीए फाइनल पास किया
  2. परीक्षा के अंतिम पांच महीनों में रोजाना 12 से 14 घंटे पढ़ाई की
  3. ईवाई गुरुग्राम से आर्टिकलशिप की और कई शोध-पत्र भी प्रस्तुत किए

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत व आत्मविश्वास के बल पर नेहरू नगर निवासी 21 वर्षीय सीए मान्या अग्रवाल ने पहले ही प्रयास में सीए फाइनल के दोनों ग्रुप 320 अंकों के साथ उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। इससे पहले उन्होंने सीए फाउंडेशन और सीए इंटरमीडिएट भी प्रथम प्रयास में ही पास किए थे। कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर उन्होंने अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

लक्ष्य के लिए अन्य गतिविधियों से बनाई दूरी

मान्या बताती हैं कि पढ़ाई शुरू से ही उनकी प्राथमिकता रही। उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए अन्य सभी गतिविधियों से दूरी बनाकर पूरी ऊर्जा पढ़ाई में लगाई। उनकी आर्टिकलशिप ईवाई, गुरुग्राम से हुई, जहां उन्हें व्यावसायिक अनुभव के साथ सीखने का भी बेहतर अवसर मिला।


शोध-पत्र प्रस्तुति और व्यक्तित्व विकास पर जोर

पढ़ाई के साथ-साथ मान्या सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय रहीं। उन्होंने गुरुग्राम, बेंगलुरु, इंदौर और भोपाल में आयोजित सीए विद्यार्थियों के राष्ट्रीय व मेगा सम्मेलनों में कई शोध-पत्र प्रस्तुत किए और विभिन्न पुरस्कार भी जीते। उनका मानना है कि पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास भी उतना ही आवश्यक है।

सफलता का श्रेय और पिता का मार्गदर्शन

मान्या अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपने परिवार को देती हैं। उनके पिता भी चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया। वह कहती हैं कि परिवार के सहयोग और विश्वास ने कठिन समय में भी उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

प्रतिदिन 12 से 14 घंटे करती थीं पढ़ाई

सीए फाइनल की तैयारी के अंतिम पांच महीनों में मान्या प्रतिदिन 12 से 14 घंटे पढ़ाई करती थीं। उन्होंने सभी विषयों को समान महत्व दिया। उनके अनुसार इनडायरेक्ट टैक्स सबसे चुनौतीपूर्ण विषय था, जबकि फाइनेंशियल रिपोर्टिंग और इनकम टैक्स उनके पसंदीदा विषय रहे। परीक्षा के दौरान उनकी तबीयत भी पूरी तरह ठीक नहीं थी, लेकिन भगवान पर विश्वास और अपनी तैयारी पर भरोसे ने उन्हें सफलता दिलाई।

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सीए की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए संदेश

सीए की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए मान्या का संदेश है कि स्वयं पर कभी संदेह न करें और हर विषय को समान महत्व दें। वे कहती हैं, ''यदि आप अपना सौ प्रतिशत देंगे तो सफलता निश्चित मिलेगी। अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन पर भरोसा रखें, क्योंकि उनका अनुभव ही आपकी सबसे बड़ी ताकत बनता है।''