
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी में घरेलू गैस सिलिंडरों के लिए शुक्रवार को भी उपभोक्ताओं की एजेंसी व गोदामों पर लंबी कतारें लगी रही। भले ही प्रशासन दावा कर रहा हो कि ऑनलाइन बुकिंग होने लगी हैं लेकिन हकीकत में सर्वर ने रफ्तार ही नहीं पकड़ी है। यही कारण है कि उपभोक्ताओं को सिलिंडर के लिए भीषण गर्मी में पांच से छह घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।
वहीं सिलिंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए दलों का गठन किया गया है और कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने भी गोदामों व एजेंसियों को औचक निरीक्षण किया है। इसी बीच संत हिरदाराम नगर के राजस्व अमले ने और कोलार पुलिस ने सिलिंडरों से वाहन जब्त कर कार्रवाई की है। बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण घरेलू गैस सिलिंडरों की बुकिंग सीमा 25 दिन तय कर दी गई है और व्यावसायिक सिलिंडरों को निजी प्रतिष्ठानों को आपूर्ति करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
जानकारी के अनुसार जिले के साढ़े पांच लाख घरेलू उपभोक्ताओं को सिलिंडरों की आपूर्ति के लिए 38 गैस एजेंसियां संचालित होती है, जबकि इन्हीं के जिम्मे 40 हजार व्यावसायिक उपभोक्ताओं को सिलिंडर देने का जिम्मा है। हालांकि अभी सिर्फ घरेलू सिलिंडरों की आपूर्ति की जा रही है, ऐसे में जहां पहले प्रतिदिन 10 से 15 हजार उपभोक्ताओं को सिलिंडर आपूर्ति की जाती थी अब 50 हजार से अधिक आपूर्ति प्रतिदिन की जा रही है। इसका बड़ा कारण उपभोक्ताओं के द्वारा निरंतर बुकिंग करना है, ऑनलाइन बुकिंग सेवा ठप होने के बाद अब लोग एजेंसी व गोदामों पर सिलिंडर लेकर पहुंच रहे हैं। यहां बढ़ती भीड़ को देख एजेंसी संचालक ऑफलाइन बुकिंग के जरिए सिलिंडर उपलब्ध करवा रहे हैं। इस वजह से भीड़भाड़ और विवाद का माहौल भी बन रहा है।
शहर की एजेंसियों और गोदामों पर सुबह नौ बजे से उपभोक्ताओं की कतारें सिलिंडर लेने के लिए लग रही हैं ।इसके बाद भी समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा है।रायसेन रोड स्थित इंडेन चंद्रकांता एजेंसी पर जब उपभोक्ता सिलिंडर लेने पहुंचे तो उन्हें रसीद देकर गोविंदपुरा स्थित मैदान में भेज दिया गया। यहां पर उपभोक्ता सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक इंतजार करते रहे लेकिन सिलिंडर का वाहन नहीं आया। जबकि अशोकागार्डन स्थित भारत अभिषेक एजेंसी पर भी सिलिंडर के लिए उपभोक्ताओं की भारी भीड़ थी,यहां पर भी लंबे इंतजार के बाद सिलिंडर मिल रहा था।
गोविंदपुरा भेल मैदान में सिलिंडर लेने पहुंचे एक उपभोक्ता ने बताया कि सुबह आए वाहन से एक उपभोक्ता को सिलिंडर दिया गया था। जिसका वजन करवाया गया तो वह कम निकला, ऐसे में उपभोक्ता ने विरोध शुरू कर दिया था। भीड़ अधिक होने से सिलिंडर दे रहे कर्मचारियों ने चुपचाप सिलिंडर लेते हुए रुपये तक वापस कर दिए।
जिले में सिलिंडरों की समस्या को देखते हुए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 23 अधिकारियों के निगरानी दल का गठन कर दिया है। यह दल गैस एजेंसी, गाेदाम का निरीक्षण करने के साथ ही समय पर बुकिंग व वितरण का कार्य सुनिश्चित करवाएंगे। इसके साथ ही कलेक्टर ने गोविंदपुरा स्थित एचपी गैस गाेदाम सुनील जनरल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया। साथ ही संचालक को समय पर उपभोक्ताओं को सिलिंडर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।
सिलिंडर लेने के लिए चंद्रकांता एजेंसी पर गया था, जहां से गोविंदुपरा मैदान भेज दिया गया है । सुबह नौ बजे से बैठा हुआ हूं दोपहर हो गई है लेकिन अब तक वाहन नहीं आया है।- सर्वदेव यादव, उपभोक्ता
एजेंसी पर उपभोक्ताओं की भीड़ हो गई थी, लोगों में पहले सिलिंडर लेने के चलते बहस तक की नौबत आ गई।इसके बाद संचालक ने सभी को मैदान में वाहन से सिलिंडर देने का कहकर लौटा दिया।- श्याम यादव, उपभोक्ता
सिलिंडर लेने के लिए दो दिन से बुकिंग कर रहा हूं लेकिन नहीं हुई। इसके बाद एजेंसी पर गया तो मना कर दिया, फिर दोबारा पहुंचने पर पर्ची देकर मैदान में भेज दिया है।पांच घंटे हो गए लेकिन सिलिंडर का वाहन नहीं आया।- अहमद खां, उपभोक्ता
कोलार में पुलिस के अनुसार वाहन सेमरी रोड से शाहपुरा की ओर जा रहा था। इसी दौरान संदेह के आधार पर वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें 25 घरेलू गैस सिलिंडर पाए गए। जांच में सामने आया कि सिलिंडरों के परिवहन के लिए आवश्यक दस्तावेज और अनुमति वाहन चालक के पास नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने वाहन को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सुपुर्द कर दिया। एसआइ मनोज यादव ने बताया कि सेमरी से शाहपुरा की ओर वाहन जा रहा था। जानकारी मिलने पर पूछताछ की गई और और फिर खाद्य विभाग को सूचना दी। संबंधित विभाग अब मामले की जांच कर रहा है कि सिलिंडरों का परिवहन किन परिस्थितियों में और किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
भोपाल में गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण व्यवस्था की जांच के तहत आज एसडीएम एमपी नगर श्री एल. के. खरे द्वारा जंबूरी मैदान स्थित विनीत गैस एजेंसी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गोदाम में बड़ी मात्रा में कमर्शियल एवं घरेलू गैस सिलेंडर पाए गए, जिनके स्टॉक में अनियमितता सामने आई।
निरीक्षण के दौरान गोदाम के अंदर 51 बड़े कमर्शियल सिलेंडर, 147 पांच किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर तथा 18 प्लास्टिक कमर्शियल सिलेंडर भरे हुए पाए गए। इसके अतिरिक्त घरेलू श्रेणी के 535 भरे हुए तथा 823 खाली सिलेंडर भी गोदाम में पाए गए। जांच के दौरान उपलब्ध सिलेंडरों का स्टॉक रजिस्टर से मिलान नहीं हो पाया, जिससे अनियमितता की आशंका व्यक्त की गई। निरीक्षण के समय फूड इंस्पेक्टर श्री प्रवीण भी उपस्थित रहे।
एसडीएम श्री खरे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फूड इंस्पेक्टर को आवश्यक जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मौके पर ही संपूर्ण कार्रवाई का पंचनामा तैयार किया गया तथा संबंधित गैस एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जिला प्रशासन ने घरेलू सिलिंडरों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सख्ती करना शुरू कर दी है।इसके लिए जिला एलपीजी वितरण एवं सुरक्षा हेतु प्रस्तावित एसओपी जारी की है। जिसका सभी को पालन करने के निर्देश दिए हैं।
किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत के लिए अपने अधिकृत वितरक या जिला प्रशासन के एलपीजी हेल्पडेस्क कंट्रोल रुम में स्थापित हेल्पलाइन नंबर 9685404087 पर संपर्क करें।