नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। आवासीय संपत्तियों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम रविवार से फिर कार्रवाई शुरू करने जा रहा है। कार्रवाई से राहत की उम्मीद में सैकड़ों मकान मालिकों ने कंपाउंडिंग के जरिए अपने मामलों को नियमित करने के लिए निगम में आवेदन किए थे, लेकिन निगम ने इन्हें निरस्त कर दिया है।
कंपाउंडिंग आवेदन निरस्त
निगम का कहना है कि मौजूदा कंपाउंडिंग प्रावधान आवासीय संपत्तियों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को नियमित करने की अनुमति नहीं देते।
यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद की जा रही है। निगम ने आगे की कार्रवाई, जिसमें सीलिंग भी शामिल है, के लिए नई एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार कर ली है।
शनिवार शाम निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन को लेकर बैठक की। इसमें टाउन प्लानर, सहायक यंत्री, उपयंत्री और भवन अनुज्ञा शाखा के कर्मचारी मौजूद रहे।
निगम ने बिना अनुमति बने निर्माण, स्वीकृत नक्शे के विपरीत बने भवन और अतिक्रमण की जांच के लिए विधानसभा क्षेत्रवार टीमें गठित की हैं।
ये टीमें शहर के अलग-अलग हिस्सों में सर्वे करेंगी। इसके बाद भवन अनुज्ञा शाखा मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम-1956 और भूमि विकास नियम-2012 के तहत कार्रवाई करेगी।
कंपाउंडिंग क्या है?
कंपाउंडिंग के तहत भवन नियमों की निर्धारित सीमा और शर्तों के भीतर मामूली निर्माण संबंधी विचलन या अतिरिक्त निर्माण को निर्धारित शुल्क लेकर नियमित किया जा सकता है।
हालांकि निगम का कहना है कि आवासीय संपत्तियों में भूमि उपयोग नियमों का उल्लंघन कर संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को कंपाउंडिंग के जरिए नियमित नहीं किया जा सकता।
कार्रवाई के विरोध में मशाल मार्च
इस बीच आवासीय क्षेत्रों में चल रहीं व्यावसायिक गतिविधियों के विरोध में रहवासियों ने नौ अगस्त को मशाल मार्च निकालने की घोषणा की है। रहवासी पूर्णेंदु शुक्ला ने कहा कि प्रदर्शन के जरिए संपत्ति मालिकों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की जाएगी।
अरेरा कॉलोनी निवासी विवेक त्रिपाठी ने कहा कि यदि कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप नहीं हुई तो रहवासी अवमानना याचिका के जरिए अदालत का रुख कर सकते हैं।
शहर के 21 जोन में टीमें संपत्तियों का सर्वे शुरू करेंगी। जहां नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां संबंधित संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे।- भुवन गुप्ता, उपायुक्त, नगर निगम