बीना से विधायक निर्मला सप्रे को व्हिप जारी कर फंस गई कांग्रेस, दलबदल का आरोप पड़ा कमजोर
सागर जिले की बीना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दलबदल का आरोप लगाकर सदस्यता समाप्त करने की मांग की है ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 08 May 2026 07:15:34 PM (IST)Updated Date: Fri, 08 May 2026 07:16:04 PM (IST)
HighLights
- 27 अप्रैल को बुलाया गया था विस का विशेष सत्र
- सभी सदस्यों को व्हिप जारी किया गया था
- पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने किया पलटवार
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। सागर जिले की बीना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दलबदल का आरोप लगाकर सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सुनवाई कर चुके हैं।
मामला हाई कोर्ट में भी लंबित है। उधर, कांग्रेस विधायक दल ने 27 अप्रैल को सरकार द्वारा बुलाए गए विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में सभी विधायकों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने और पार्टी के पक्ष में मतदान करने के लिए व्हिप जारी किया था। यह निर्मला सप्रे को भी भेजा गया।
दलबदल का आरोप कमजोर पड़ गया
उम्मीद यह थी कि मतदान होगा और वे या तो मतदान से दूरी बना लेंगी या फिर सरकार के पक्ष में मतदान करेंगी लेकिन इसकी नौबत ही नहीं आई और दलबदल का आरोप कमजोर पड़ गया। उन्होंने इसे आधार बनाकर विधानसभा सचिवालय को सूचना दे दी।
कोर्ट में भी स्वयं के कांग्रेस में होने की बात कह चुकी हैं
उल्लेखनीय है कि निर्मला सप्रे हाई कोर्ट में भी स्वयं के कांग्रेस में होने की बात कह चुकी हैं। बता दें, इस सत्र में मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की ओर से इसमें नारी शक्ति वंदन-महिलाओं के सर्वांगीण विकास एवं सशक्तीकरण को लेकर संकल्प प्रस्तुत किया गया।
सभी सदस्यों को व्हिप जारी किया गया था
उधर, सरकार की कदम की काट के लिए कांग्रेस विधायक दल की ओर से अशासकीय संकल्प का प्रस्ताव दिया गया, जिसमें कहा गया कि लोकसभा की वर्तमान संख्या में ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण देकर अधिनियम को लागू किया जाए लेकिन यह स्वीकार नहीं हुआ।
मतदान की संभावना को देखते हुए विधायक दल की ओर से सभी सदस्यों को व्हिप जारी किया गया था, जो निर्मला सप्रे को भी गया।
जो बीना को जिला बनाएगा मैं उसके साथ
निर्मला उधर, शुक्रवार को सागर में निर्मला सप्रे ने कहा कि जो बीना को जिला बनाएगा, हम उसके साथ हैं। उमंग सिंघार बनवा दें और विकास कार्यों के लिए 300 करोड़ रुपये दिलवा दें, मैं साथ हूं। मैं कहां हूं, यह कोर्ट तय करेगा। फिलहाल मामला विचाराधीन है। जो फैसला आएगा, मैं वहीं रहूंगी।
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने किया पलटवार
उधर, सप्रे के बयान पर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा इंटनरेट मीडिया फेसबुक पर पोस्ट किया कि लोकसभा चुनाव के समय वे भाजपा के कार्यक्रमों में शामिल हुईं। वह बीना को जिला बनाने और 300 करोड़ रुपये देने की बात कर रही हैं, इससे राजनीतिक सौदेबाजी स्पष्ट हो जाती है।