
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर में साइबर जालसाज नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। कजलीखेड़ा और गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सामने आए दो अलग-अलग मामलों में बदमाशों ने क्रेडिट कार्ड की केवाइसी और लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर दो लोगों से कुल 1.43 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी कर ली।
दोनों मामलों में पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कजलीखेड़ा पुलिस के अनुसार कोलार रोड स्थित प्रियंका नगर निवासी 56 वर्षीय श्यामराज सिंह नरवरिया सर्विस प्रोवाइडर का काम करते हैं। 16 जून की दोपहर उन्हें एक अज्ञात नंबर से Call आया।
Call करने वाले ने खुद को मुंबई स्थित SBI मुख्य शाखा का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनके क्रेडिट कार्ड की केवाईसी लंबित है। उस समय श्यामराज वाहन चला रहे थे, इसलिए उन्होंने बाद में बात करने को कहा।
कुछ देर बाद दोबारा Call आने पर उन्होंने बैंक जाकर केवाईसी कराने की बात कही, लेकिन जालसाज ने प्रक्रिया का हवाला देकर उन्हें भरोसे में ले लिया। संदेह होने पर श्यामराज ने उसकी पहचान मांगी, जिस पर आरोपित ने वाट्सएप पर कथित पहचान पत्र भेज दिया।
ID देखने के बाद जैसे ही श्यामराज ने वाट्सएप काल रिसीव की, उनका मोबाइल हैंग हो गया। इसी दौरान साइबर ठग ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर उनके बेटे के एसबीआई और इंडसइंड बैंक के क्रेडिट कार्ड की जानकारी का उपयोग करते हुए 74,399 रुपये और 43,679 रुपये की खरीदारी कर ली।
कुछ देर बाद बैंक से लेनदेन की सूचना मिलने पर श्यामराज को ठगी का पता चला। उन्होंने तत्काल कार्ड ब्लाक कराया और बाद में भोपाल लौटकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में कुल 1,18,078 रुपये की धोखाधड़ी हुई है।
गोविंदपुरा में भी ऐसी ही साइबर ठगी
उधर, गोविंदपुरा थाना क्षेत्र के अन्ना नगर निवासी 23 वर्षीय विजय अवघड़े से भी इसी तरह ठगी की गई। एक जुलाई को बरखेड़ा स्थित साप्ताहिक हाट बाजार में मौजूद विजय को अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को आइडीएफसी फर्स्ट बैंक का कर्मचारी बताया और क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया। सहमति मिलने पर आरोपित ने ओटीपी मांगा। ओटीपी साझा करते ही उसके खाते से चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 25,623 रुपये निकाल लिए गए।