भोपाल में हाईटेक सुरक्षा के बाद भी परीक्षा में सेंध, आबकारी के बाद अब पुलिस आरक्षक भर्ती में भी गड़बड़ी
मध्य प्रदेश की राजधानी में एआई के माध्यम से हाईटेक ऑनलाइन परीक्षा व्यवस्था लागू की गई, लेकिन इसमें भी सेंधमारी हो गई। आबकारी के बाद पुलिस आरक्षक भर्ती ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 21 Mar 2026 06:44:15 AM (IST)Updated Date: Sat, 21 Mar 2026 06:51:19 AM (IST)
भोपाल में हाईटेक सुरक्षा के बाद भी परीक्षा में सेंध (AI से जनरेट इमेज)HighLights
- हाईटेक सुरक्षा के बाद भी परीक्षा में सेंध देखने को मिली है
- आबकारी के बाद पुलिस आरक्षक भर्ती में भी गड़बड़ी दिखी
- ऑल सेंटस कॉलेज ऑफ टेक्नॉलोजी में 14 संदिग्ध अभ्यर्थी पकड़े गए
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। व्यावसायिक परीक्षा मंडल का नाम बदलकर कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) किया गया, लेकिन परीक्षाओं में गड़बड़ी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ईएसबी ने अब ऑनलाइन परीक्षाओं में तीन एजेंसी के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है। एआई के माध्यम से हाईटेक ऑनलाइन परीक्षा व्यवस्था लागू की गई, लेकिन इसमें भी सेंधमारी हो गई। आबकारी के बाद पुलिस आरक्षक भर्ती में भी गड़बड़ी का मामला सामने आया है।
राजधानी के गांधी नगर स्थित ऑल सेंटस कॉलेज ऑफ टेक्नॉलोजी में 14 संदिग्ध अभ्यर्थी पकड़ाए हैं। ये पूरी परीक्षा के दौरान कंप्यूटर स्क्रीन को केवल आगे-पीछे करते रहे और अंतिम 20-25 मिनट में पूर पर्चा हल कर दिया। जिस तरह की गलती एक ने की, वह सभी 14 अभ्यर्थियों ने कर दी। इस कारण शक हुआ तो ईएसबी की आइटी टीम ने विश्लेषण किया।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पड़ताल की गई। इसमें यह बात सामने आई कि गड़बड़ी हुई है, जिसके आधार पर पहले इनके परीक्षा परिणाम रोके गए और फिर अनुचित साधन का उपयोग करने का प्रकरण मान्य करते हुए अभ्यर्थिता निरस्त कर दी गई।
इसकी शिकायत राज्य सायबर सेल को की गई है। ईएसबी के अधिकारियों ने बताया कि आबकारी आरक्षक परीक्षा में रतलाम के एक सेंटर में 12 परीक्षार्थियों ने भी अंतिम 20 से 25 मिनट में ही पूरा प्रश्नपत्र हल कर दिया था। आईटी टीम ने इस मामले को पकड़ा और फिर एफआईआर दर्ज कराई गई।
14 अभ्यर्थियों का डाटा असामान्य पाया गया
ईएसबी की ओर से 7,500 पुलिस आरक्षक पदों के लिए 30 अक्टूबर से 15 दिसंबर तक परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें भोपाल के केंद्र में 14 परीक्षार्थियों का सॉफ्टवेयर के माध्यम से डाटा विश्लेषण करने पर असामान्य पाया गया। सभी का प्रश्नपत्र हल करने का पैटर्न एक जैसा था। नंबर भी एक जैसे मिले। इनके सीसीटीवी फुटेज देखने पर गड़बड़ी पाई गई है। इस पर पहले इनके परिणाम रोके गए और फिर जांच में पाया कि पूरे समय ये 14 अभ्यर्थी कंप्यूटर स्क्रीन को आगे-पीछे करते रहे।
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प्रश्न पत्र हल नहीं किया और अंतिम समय में पर्चा हल कर दिया। इससे यह पता लगा कि कंप्यूटर की स्क्रीन कहीं और भी खुली थी और कोई उनकी मदद कर रहा था। बताया जा रहा है कि चूंकि, मामला तकनीकी है इसलिए इसकी प्रकरण आगामी जांच के लिए राज्य साइबर सेल को दिया गया है।